यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चे की मौत पर परिजनों का जिला अस्पताल में हंगामा

सहारनपुर : जानलेवा बुखार का प्रकोप रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में बुखार ने एक और मासूम की जान ले ली। थाना रामपुर क्षेत्र के गांव माजरी निवासी मेहरबान के 11 वर्षीय पुत्र कलीम की जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने नर्स पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। मेहरबान ने बताया कि कलीम को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। पहले तो वे गांव में ही कलीम का इलाज कराते रहे, लेकिन उसकी हालत में काई सुधार नहीं आया। कलीम की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई, जिसके कारण उसे शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने कलीम के शरीर में खून की कमी बताई। तो रविवार की सुबह करीम को खून भी चढ़ाया गया। लेकिन कलीम की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। मेहरबान ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे उसकी हालत और ज्यादा खराब हो गई। कलीम की हालत बिगड़ते देख मेहरबान ने डयूटी पर तैनात नर्स को बुलाया, तो नर्स ने कलीम को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही कलीम अचेत हो गया और कुछ देर बाद ही कलीम ने दम तोड़ दिया। कलीम की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और परिजनों ने नर्स पर गलत इंजेक्शन लगाने आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना जनकपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और बमुश्किल परिजनों को शांत कराया।
डयूटी पर तैनात नर्स ने बताया कि बच्चे की हालत लगातार खराब हो रही थी। बुखार कंट्रोल करने के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन बच्चे ने बुखार के कारण दम तोड़ दिया। वहीं एसओ जनकपुरी एमएस गिल ने बताया कि बुखार से बच्चे की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजन बिना किसी कार्रवाई के बच्चे के शव को लेकर गांव लौट गए।
