यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मिलक में बुखार से दो की मौत
जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या दो दर्जन पहुंची जेएनएन, मिलक: बुखार से दो और लोगों की मौत

जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या दो दर्जन पहुंची
जेएनएन, मिलक: बुखार से दो और लोगों की मौत हो गई। जिले में बुखार से अब तक दो दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। गांव निस्बी निवासी राजू को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। उसने स्थानीय चिकित्सक से उपचार कराया पर आराम नहीं हुआ। गुरुवार सवेरे उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में चीख पुकार मच गई। राजू के पिता तुलाराम कोरी ने बताया कि मृतक अकेला कमाने वाला था। वह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। उसे बरेली ले जाने की तैयारी ही की जा रही थी कि उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर मार दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है और न ही दवाइयां बांटीं हैं। उधर धनेली पूर्वी गांव निवासी होरीलाल को पिछले पंद्रह दिनों से बुखार आ रहा था। उसका स्थानीय सरकारी अस्पताल में उपचार लच रहा था। बुधवार रात में हालत बिगड़ने पर परिजन उनको बरेली ले गए, जहां उपचार के दौरान गुरुवार सवेरे दस बजे उनकी मौत हो गई। सरकारी अस्पताल के प्रभारी डा. मोहित राजपूत का कहना है कि राजू को तपेदिक की बीमारी थी। साथ ही उसको कुछ समय पूर्व उसे करंट लग गया था। वह बीमार चल रहा था जबकि होरीलाल को सांस की बीमारी थी। बीमारी का भी इलाज चल रहा था। दोनों की मौत बुखार से नहीं बल्कि बीमारियों के कारण हुईं। टीम भेजकर ग्रामीणों के ब्लड की स्लाइडें तैयारकर लैब में भेजी जाएंगी। लक्षण पाए जाने पर गांव में दवाइयां व इंजेक्शन लगाएं जाएंगे। तीन दिन के भीतर बुखार से मिलक व बिलासपुर में छह लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक जिले में बुखार से दो दर्जन की मौत हो चुकी है।
