यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रसव के बाद दो नवजात की मौत

ऊंचाहार कार्यालय : चित्रकूट के एक अस्पताल में तीन नवजात बच्चों की मौत की खबर से स्वास्थ्य विभाग अभी संभल नहीं पाया था कि ऊंचाहार सीएचसी में दो नवजात बच्चों की मौत से सनसनी फैल गई है। इसमें एक प्रसूता का प्रसव तो लघु शंका के समय अस्पताल की झाड़ियों में हुआ था।
गदागंज थानाक्षेत्र के गांव कुलवा हमीरमऊ निवासी आलोक उर्फ विनोद की पत्नी सुमन (25) को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। सुमन का मायका ऊंचाहार के रैयापुर गांव है। प्रसव के लिए वह मायके आई थी। सोमवार की शाम सुमन को सीएचसी लाया गया था और उसे सीएचसी की दूसरी मंजिल के एक वार्ड में रखा गया। रात में सुमन को लघुशंका लगी तो अस्पताल के शौचालय में ताला बंद था, इसके चलते उसे पैदल नीचे लाया गया और अस्पताल परिसर में झाड़ियों में वह लघुशंका करने लगी तो वहीं पर उसे प्रसव हो गया। सुमन ने एक कन्या को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उसे प्रसव कक्ष में ले जाया गया। जहां करीब एक घंटे के बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। घटना रात की होने के कारण परिजन असहाय थे। न ही उन्हें रात में यहां से जिला अस्पताल रिफर किया गया। इससे पहले सोमवार की सायं ही क्षेत्र के गांव टीकाराय का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग निवासी मुकेश कुमार की पत्नी विजमा को भी प्रसव के लिए सीएचसी लाया गया, जहां विजया ने शिशु को जन्म दिया। जन्म के कुछ समय बाद नवजात की मौत हो गई। एक ही रात में दो नवजातों की मौत से अस्पताल में हड़कंप मच गया। दोनों प्रसूताओं को अस्पताल से भेज दिया गया। मंगलवार को सीएचसी प्रभारी डा. आरबी सिंह ने संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी ने कोई शिकायत की है।
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