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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डायरिया से एक दर्जन हुए बेदम, जिला अस्पताल लाए गए

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Published: Thu, 23 May 2013 05:44 PM (IST)Updated: Thu, 23 May 2013 05:48 PM (IST)

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रायबरेली, कार्यालय प्रतिनिधि : लगातार कोशिशों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग डायरिया पर नियंत्रण रखने में कामयाब नहीं हो पा रहा। गुरुवार को सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हुआ तो दोपहर बारह बजे के बाद तक चलता रहा। इस बीच करीब विभिन्न थाना क्षेत्रों से करीब एक दर्जन डायरिया पीड़ित भर्ती हुए। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

गुरुवार की सुबह चार बजे अचानक पेट दर्द और उल्टी की शिकायत पर इंदिरा नगर निवासी सुशीला(52) पत्‍‌नी विजय को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डाक्टर ने उनको डायरिया होने की पुष्टि की। यही हाल रईस (14) पुत्र जलील का था उसे गंभीर हालत में सुबह पांच बजे भर्ती कराया गया।

उल्टी-दस्त से परेशान होकर परिजनों ने राकेश श्रीवास्तव (46) पुत्र सुरेश चंद्र निवासी देवानंद पुर, निखिल कुमार (12) पुत्र सुधीर कुमार निवासी दरीबा तिराहा, बहीदुन (50) पत्‍‌नी खलील निवासी सिधौना मिल एरिया, सुनीता (23)पत्‍‌नी गिरीश निवासी जगतपुर, जनक दुलारी (50) पत्‍‌नी वासुदेव निवासी दरीबा, प्रियंका सिंह (25) पत्‍‌नी अमित कुमार सिंह निवासी निराला नगर, महरुन निशा (22)पत्‍‌नी वसीम अहमद निवासी आजाद नगर, उमेश (16) पुत्र रविशंकर निवासी नसीराबाद, अजीदुन निशा(40) निवासी राजकीय कालोनी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

'डायरिया से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों से इलाज किया जा रहा है। पूरी तरह सर्तकता बरती जा रही है। जो ठीक हो रहे हैं उन्हे घर भेजा जा रहा है ताकि बेड की दिक्कत न हो।'

डा. विनीता सिंह, सीएमएस

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