यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जंगल में मिला अवयस्क बाघ का शव
पीलीभीत : टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज अंतर्गत जंगल में एक बाघ का शव पाया गया। मृत बाघ की आयु दो साल बत

पीलीभीत : टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज अंतर्गत जंगल में एक बाघ का शव पाया गया। मृत बाघ की आयु दो साल बताई गई है। जिस स्थान पर शव मिला, उससे थोड़ी ही दूर उत्तराखंड के सुरई वन रेंज का जंगल है। वहां पर बाघ का खून पड़ा था। मौके पर एक बाघिन तथा हमला करने वाले बड़े बाघ के पग चिन्ह भी पाए गए। निकट के एक पेड़ पर मृतक बाघ के पंजों के निशान भी मिले हैं। मौके पर पहुंचे वन विभाग एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अफसरों के मुताबिक इन फाइ¨टग में इस बाघ की मौत हुई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को बुलाकर इसकी पुष्टि कराने के उपरांत मृतक बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए आइवीआरआइ बरेली भेजा गया है।
महोफ रेंज के वन दरोगा शंकर लाल गुरुवार को सुबह जंगल में गश्त कर रहे थे। एक स्थान पर उन्हें बाघ के पग चिन्ह दिखे। इस पर वह पग चिन्हों के आधार पर आगे बढ़ते गए। इसी बीच उन्होंने देखा कि कंपार्टमेंट नंबर 108 में एक बाघ का शव पड़ा है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश को दी। डीएफओ ने वन संरक्षक वीके चोपड़ा एवं मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह को मामले की जानकारी दी। दो घंटे बाद ही मुख्य वन संरक्षक बरेली से मौके पर पहुंचे। इसके उपरांत दोनों अफसरों ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वीके मलिक को भी बुला लिया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रोजेक्ट अफसर नरेश कुमार भी वहां पहुंच गए। इन सभी लोगों ने मौका मुआयना किया। डीएफओ के मुताबिक मृतक बाघ को तीन दिन पहले इसी जंगल में एक बाघिन और तीन शावकों के साथ देखा गया था। जिसमें दो मादा तथा एक नर शावक था। मृत बाघ वही नर शावक है। बाघिन पर कब्जा करने के लिए ही किसी बड़े बाघ ने इस अल्प वयस्क बाघ पर हमला किया। हमला उत्तराखंड पूर्वी डिवीजन की सुरई रेंज के कंपार्टमेंट बघा 55 में हुआ। क्योंकि वहीं पर खून पड़ा है तथा बाघिन, बड़े बाघ के साथ ही मृतक बाघ के पग चिन्ह भी मिले हैं। निकट के एक पेड़ पर भी मृतक बाघ के पंजों के निशान पाए गए। वहां से बड़ा बाघ इस अल्प वयस्क बाघ को घसीटते हुए पीलीभीत जिले के महोफ रेंज के कंपार्टमेंट नंबर 105 तक लेक गया। जब हमले में अल्प वयस्त बाघ मर गया तो उसे फिर घसीटते हुए बड़ा बाघ कंपार्टमेंट नंबर 108 में झाड़यिों के पास डाल गया। उन्होंने बताया कि मृतक बाघ की गर्दन और पीठ के पिछले हिस्से में बड़े बाघ के हमले से घाव के निशान हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वीके मलिक ने भी शव का निरीक्षण करने बाद इन फाइ¨टग में उसकी मौत होने की पुष्टि कर दी। बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भिजवाया गया है।
