यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अभी भी 37000 मजदूरों के नहीं खुले हैं बैंक खाते

जागरण संवाददाता, पीलीभीत : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत करीब सैंतीस हजार जॉब कार्ड धारकों के बैंक खाते नहीं हैं। लिहाजा बैंक खातों के अभाव में इन मजूदरों की मजदूरी धनराशि भी अटक जाएगी। डीसी मनरेगा ने सभी जॉब कार्ड धारकों से बैंक खाता खुलवाने के निर्देश दिए हैं। ताकि मजदूरी के बाद धनराशि रिलीज होने पर तत्काल धनराशि ट्रांसफर की जा सके।
मनरेगा अंतर्गत जिले में करीब एक लाख 72 हजार जॉब कार्ड धारक हैं। योजना अंतर्गत अब काम करने के ऐवज में सीधे मजदूरों के खाते में मजदूरी जाएगी। ऑनलाइन मजदूरी मिलने के मद्देनजर लगभग एक लाख पैंतीस हजार जॉब कार्ड धारकों ने अपने खाते खुला भी लिए हैं। जबकि 37000 मजदूरों ने अभी तक खाता नहीं खुलाया है। अब अगर बगैर खाता धारक मजदूर काम करेगा। तब उसे मजदूरी के भुगतान में अड़चन आएगी। इसीलिए डीसी मनरेगा की ओर से ब्लॉक स्तर निर्देश जारी किया गया है, कि सभी जॉब कार्ड धारकों के बैंक खाते खुलवाएं जाएं। साथ ही मजदूरों से भी आह्वान किया है कि वह अपना बैंक खाता खुलवा लें। जिनके खातों में खामियां हैं। वह भी दुरुस्त करा लें। ताकि ऑनलाइन मजदूरी ट्रांसफर हो की जा सके। डीसी मनरेगा डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि सभी जॉब कार्ड धारकों को बैंक खाते खुलाने का निर्देश दिया गया है।
