यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमागी बुखार से ग्रामीण की हुई मौत
पीलीभीत: दिमागी बुखार से पीड़ित एक ग्रामीण की शनिवार सुबह पीलीभीत के अस्पताल में मौत हो गई। वहीं दिमा

पीलीभीत: दिमागी बुखार से पीड़ित एक ग्रामीण की शनिवार सुबह पीलीभीत के अस्पताल में मौत हो गई। वहीं दिमागी बुखार से पीड़ित माधोटांडा के पूर्व बीडीसी सदस्य को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया है।
तहसील क्षेत्र में बढ़ते मच्छरों के प्रकोप से लोग परेशान हैं। मच्छरों के काटने से मलेरिया, टायफाइड, वायरल आदि की चपेट में आए मरीज विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। नगर से सटे ग्राम चांट फिरोजपुर निवासी जयराखन (45) पिछले कई दिनों से दिमागी बुखार का इलाज पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। शव घर आते ही कोहराम मच गया। कस्बा माधोटांडा के पूर्व बीडीसी सदस्य शराफत खां को करीब एक सप्ताह पूर्व बुखार आ गया था। कस्बे में लाभ न होने पर परिजन उन्हें बरेली ले गए। पांच छह दिनों तक वहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में चिकित्सकों ने दिमागी बुखार होना बताया। परिजन उन्हें शुक्रवार रात बरेली से पीजीआई लखनऊ ले गए हैं। एमओआईसी डा.मोहम्मद असलम ने बताया कि दिमागी बुखार से ही मौत हुई है यह कहना मुश्किल है। विशेष जांच से ही इस बात की पुष्टि हो पाती है।
