यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जिला प्रशासन

जागरण संवाददाता, पीलीभीत
डेंगू को लेकर मच रही खींचतान पर शासन ने सख्ती की है। जिला अस्पताल के अलावा बगैर जांच के तेज बुखार वाले मरीज में डेंगू की पुष्टि किए जाने को गंभीर मामले की श्रेणी में लिया गया है। शासन ने इस बाबत सीएमओ को चेताते हुए ऐसा कर रहे निजी अस्पतालों पर कार्रवाई करने को कहा है। अनुपालन में मुख्य चिकित्साधिकारी ने अनावश्यक डेंगू को सनसनीखेज बनाने के मामले में हिदायतें जारी कर दी हैं।
वर्तमान समय में प्रदेश में डेंगू को लेकर काफी हो हल्ला हो रहा है। प्रदेश में कुछ निजी नर्सिग होम ऐसे है जो तेज बुखार के मरीज के भर्ती होने पर डेंगू होने की तस्दीक कर रहे हैं। इससे मरीजों में दहशत हो जाती है। जिले में भी यूं तो कई मरीजों में डेंगू होने की बात निजी चिकित्सकों द्वारा कही गई है पर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक केवल दो मरीजों में ही डेंगू की पुष्टि हुई है। इस मामले में सख्त हुए शासन ने ऐसे चिकित्सकों से सख्ती से निबटने के आदेश दिए है। जिसके बाद सीएमओ डा. राकेश तिवारी ने चेतावनी देते हुए डेंगू का अनर्गल प्रचार न करने की सलाह दी है। न मानने पर नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। सीएमओ डा. राकेश तिवारी के मुताबिक शासन सख्त रुख अपनाए हुए है। जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि की जाने की सलाह दी गई है।
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