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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बसपा की चौधराहट

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Published: Fri, 20 Sep 2013 01:14 AM (IST)

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मुजफ्फरनगर : कवाल के बवाल के बाद जनपद में भड़की हिंसा को रोकने के लिये फजीहज झेल रही प्रदेश सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। आलम यह है कि जनपद में शांति कायम करने के लिये जनपद में कई ऐसे पुलिस अधिकारियों को लगाया है, जो बसपा शासन काल में चहेते चेहरे रहे। सात सितंबर को जनपद में भड़की हिंसा में 45 से ज्यादा लोगों की जान चली गयी। हिंसा को रोकने के लिए सरकार ने आनन-फानन में कई पुराने आला अफसरों से लेकर इंस्पेक्टर तक याद आ गए।

अधिकारियों पर एक नजर

एसएसपी- प्रवीण कुमार : एसएसपी प्रवीण कुमार बसपा शासन में जनपद के एसएसपी रह चुके हैं। प्रवीण कुमार सबसे ज्यादा ढाई साल तक जनपद में तैनात रहे। सपा सरकार आते ही उनका तबादला गौतमबुद्धनगर कर दिया गया। अब हिंसा रोकने के लिए उन्हें दोबारा जनपद की कमान सौंपी गी है।

कमिश्नर भुवनेश कुमार: कमिश्नर भुवनेश कुमार जनपद में डीएम रह चुके है। भुवनेश बसपा शासनकाल में वह लगभग एक साल तक जनपद में तैनात रहे। इसके बाद वह कमिश्नर बन गये और मेरठ में तैनाती मिली।

आलोक प्रियदर्शी: एसपी आलोक प्रियदर्शी शहर में सीओ सिटी, सीओ सदर रह चुके है। फिलहाल वह पीटीसी मुरादाबाद में थे। फिलहाल उन्हें शासन ने एसपी देहात की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

मुकेश मिश्र: सीओ मुकेश मिश्र बसपा के शासन में जनपद में दो साल तक सीओ सिटी, सीओ सदर व सीओ बुढ़ाना रह चुके है। फिलहाल वह बदायूं में तैनात थे। जनपद में भड़की हिंसा के बाद उन्हें भी शहर में बुलाया है।

सुभाषचंद्र गंगवार: सीओ सुभाषचंद्र गंगवार जानसठ, खतौली आदि सर्किल के सीओ रह चुके हैं। सपा सरकार आते ही उनका तबादला पूर्वाचल में कर दिया गया था। फिलहाल उन्हें भी जनपद में बुला लिया गया है।

किशनसिंह तालान: सीओ किशनसिंह तालान जनपद की कई कोतवाली में इंस्पेक्टर रह चुके हैं। फिलहाल वह गाजियाबाद में थे। हिंसा रोकने के लिये उन्हें भी जनपद में बुला लिया गया है। कई अन्य इंस्पेक्टर व दरोगा ऐसे हैं जो बसपा शासनकाल में जनपद में तैनात रह चुके हैं।

कारगर साबित हुआ कदम

हिंसा रोकने के लिये जनपद में पुराने अधिकारियों को तैनाती देने का शासन का कदम कारगर साबित हुआ है। शासन को पता था कि उक्त अधिकारियों की जनपद में जनता में काफी पैठ है। वह जल्द से जल्द हालात पर काबू कर सकते हैं।

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