यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तेज बुखार से किशोरी की मौत

मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र के पीपलसाना निवासी एक किशोरी की तेज बुखार से मौत हो गई। आठ दिन से बुखार में तप रही किशोरी को 14 सितंबर को दिल्ली रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छह यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद उसे मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया गया था। बुधवार को हालत बिगड़ने पर उसे फिर अस्पताल लाया गया। इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
पीपलसाना के मुहल्ला चांद वाली मस्जिद निवासी नौशे की बेटी शबीना (16) को आठ दिन पहले बुखार आया। पहले तो उसे मुहल्ले के ही एक चिकित्सक को दिखाया गया। दो दिन बाद परिजन भोजपुर के सरकारी अस्पताल ले गए। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने उसे टाइफाइड होने की बात कही। इस उसे महानगर के निजी चिकित्सक को दिखाया गया लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। 14 सितंबर को उसे दिल्ली रोड के अस्पताल ले जाया गया। यहां खून की जांच हुई तो प्लेटलेट्स 17 हजार निकलीं। डॉक्टरों ने छह यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद उसे मंगलवार दोपहर डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब दस बजे उसकी तबियत बिगड़ने लगी तो उसे फिर अस्पताल ले जाया गया मगर आपातकालीन कक्ष में दोपहर एक बजे उसने दम तोड़ दिया।
----
शबीना के तीनों भाइयों को भी बुखार
मुरादाबाद : नौशे के तीनों बेटों अजीम, फहीम और नदीम को भी एक हफ्ते से बुखार आ रहा है। इसमें अजीम की हालत ज्यादा खराब है। कस्बे के अलावा शाहपुर, गनीमत नगर व कई गांवों में भी बुखार ने पैर पसार रखे हैं। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों की लाइनें लग रही हैं।
---
पिछले साल तीस से ज्यादा हो चुकी मौत
भोजपुर क्षेत्र में पिछले साल सितंबर में फैले डेंगू से तीस से अधिक मौतें हो चुकी हैं। पांच हजार से ज्यादा लोगों का सरकारी अस्पताल में इलाज हुआ था। इस बार भी बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। इसे लेकर सतर्कता नहीं बरती गई तो आगे परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
फिर से शुरू हो गए बूचड़खाने
भोजपुर : क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पिछले साल डेंगू फैलने के बाद बंद किए गए बूचड़खाने व ई-कचरा जलाने का काम फिर से शुरू हो गया है। नौशे के घर के पास भी एक अवैध बूचड़खाना चल रहा है। इसी से निकलने वाली गंदगी से बीमारियां फैल रहीं हैं। क्षेत्र के अनवार, नदीम, छिद्दा, रईस आदि ने इन पर रोक लगाने की मांग की है।
-----
ठाकुरद्वारा में भी बुखार का प्रकोप
- मलेरिया व टाइफाइड के रोगियों की भरमार
संवाद सहयोगी, ठाकुरद्वारा : क्षेत्र में मलेरिया और टाइफाइडका प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। कहीं-कहीं तो पूरा परिवार ही बीमार पड़ा है। सरकारी अस्पताल के अलावा निजी चिकित्सकों के पास मरीजों की भीड़ लगी है तो जाच कराने को पैथोलॉजी पर भी लंबी लाइन है।
पीपलटोला में तो कई परिवारों के सभी सदस्य बीमार हैं। सरकारी अस्पताल में जाच को आए फरीद नगर के अर्श को टाइफाइड निकला तो पसियापुरा की बबीता मलेरिया से पीड़ित निकली। सीएचसी में भी सोनम और ताबिश समेत कई रोगी भर्ती हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ.एसएस तोमर के अनुसार गंदगी और मच्छरों के साथ बदलते मौसम में बीमारिया बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को अपने आसपास सफाई रखनी चाहिए। समय समय पर फागिंग भी होनी चाहिए।
---
लक्षण
मलेरिया:- सर्दी लगकर बुखार आना, जी मिचलाना।
टाइफाइड:- माथे में दर्द, हथेली और तलवे गरम होना।
--
सावधानी बरतें
- मच्छरों से अपना बचाव करें।
- साफ एवं उबला पानी पीएं।
- फल सब्जिया धोकर खाएं।
- बच्चों को पूरे कपड़े पहनाकर सुलाएं।
- बच्चों को दिन में भी खुले बदन न घूमने दें।
----
'बुखार से किशोरी की मौत की जानकारी नहीं है, गुरुवार को टीम भेजकर परीक्षण कराया जाएगा, जिले भर में बुखार से निपटने को लेकर पिछले दो महीने से स्वास्थ्य विभाग सजग है, सभी सीएचसी प्रभारियों को सतर्कता बरतने को कहा गया है, गुरुवार को फिर से एसीएमओ व मलेरिया अधिकारी को भोजपुर क्षेत्र भेजा जाएगा'
- डॉ. संजीव यादव, सीएमओ
