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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लापरवाही की हद, एक बेड पर तीन मरीज

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Published: Thu, 10 Oct 2013 01:42 AM (IST)Updated: Thu, 10 Oct 2013 01:43 AM (IST)

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मुरादाबाद। भोजपुर में रहस्यमय बुखार से पीड़ितों की संख्या कम बताते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने भी पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है। बेड चालीस से घटाकर बीस कर दिए। नतीजा एक बेड पर तीन-तीन मरीज भर्ती हैं। इसे लेकर बुधवार को तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा।

भोजपुर में 30 अगस्त से रहस्यमय बुखार फैला है। जिला प्रशासन के सख्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बाल रोग वार्ड को अस्थायी रूप से इमरजेंसी के पास बने रैन बसेरा में शिफ्ट कर दिया था। जबकि बाल रोग वार्ड को भोजपुर वार्ड बनाकर बुखार पीड़ितों के लिए 40 बेड आरक्षित कर दिए थे। इसी तरह से केंद्रीय पुलिस अस्पताल में 50 बेड आरक्षित किए थे। पिछले सप्ताह बुखार के रोगियों की संख्या कम बताकर केंद्रीय पुलिस अस्पताल से भोजपुर वार्ड बंद कर दिया। जिला अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को अस्थायी वार्ड में बीस बेड कम कर दिए। नतीजा यह हुआ कि एक बेड पर दो-दो रोगी को लेटना पड़ा। दोपहर बाद भोजपुर के बुखार से पीड़ित 14 रोगियों को भर्ती किया गया। एक बेड पर तीन-तीन रोगी हो गए। इससे नाराज तीमारदारों ने इमरजेंसी पहुंच कर हंगामा करना शुरू कर दिया। वह प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.शैली मेहरोत्रा से मिले।

डा.शैली ने कहा कि भोजपुर के अलावा मंडल के रोगियों के कारण बेड भरे हुए हैं। शासन के निर्देश पर 16 संविदा के स्टाफ नर्स को हटाया गया है। रोगियों के इंजेक्शन लगाने व दवा देने के लिए नर्स व कर्मचारी नहीं है, ऐसे में अस्थायी वार्ड नहीं चलाया जा सकता है।

एडीएम कर रहे मजिस्ट्रेटी जांच

-एडीएम सिटी प्रवीण मिश्र बुखार की रोकथाम के लिए सरकारी प्रयासों की मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे हैं, उन्होंने सीएमओ से रिपोर्ट मंगाई है। इसके अलावा भोजपुर में जाकर नगर पंचायत व स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की है। उन्होंने एक सप्ताह में बयान दर्ज कराने के लिए लोगों से अपील की, लेकिन कोई बयान दर्ज कराने नहीं आया।

मृतक संख्या की जांच

-बुखार से मृतकों की संख्या की जांच एसडीएम सदर को सौंपी गई थी। जिलाधिकारी की ओर से दो दिन का वक्त निर्धारित किया गया। इस अवधि में तहसील सदर ने मृतकों को चिह्नित कर उनकी संख्या 27 होने की रिपोर्ट दे दी। सभी के परिजनों ने मृत्यु का कारण बुखार ही बताया था।

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