यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सरकारी सेवाओं से उठा मरीजों का विश्वास

भोजपुर। लगातार फैल रहे रहस्यमय बुखार को रोकने में नाकाम साबित हो रहे स्वास्थ विभाग से मरीजों का विश्वास उठता जा रहा है। एक दिन में दो हजार से अधिक मरीज सरकारी अस्पताल में अपना उपचार कराने आ रहे थे, पर चार दिन बाद ही मरीजों की संख्या सात सौ पर सिमट कर रह गई।
शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 696 मरीज उपचार को आए, इनमें से अनवरी, दिलशाद, दिलवर, गङ्गलाम मौहम्मद , प्रमेश,मोही, अनस, दिलशाद अहमद, हमशीरन, जैनब,मौहम्मद अकील , मोहम्मद इसरार, आलम समेत 21 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एक मरीज को दिल्ली भेजा गया है। उधर समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग के प्रदेश उपाध्यक्ष फिरासत हुसैन गामा ने नगर पंचायत भोजपुर का भ्रमण कर बुखार पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने सरकार से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने अस्पताल में जरनेटर बंद होने के कारण पंखे नहीं चलने पर डिप्टी सीएमओ से कड़ी नाराजगी जाहिर कर रोगियों के उपचार में कोई कमी नही आने देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि वह 24 सितंबर को मुख्यमंत्री से मिलेंगे बुखार से मरे तीस मरीजों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाएंगे।
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