यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अस्पताल में दो नवजात की मौत

अहरौरा (मीरजापुर) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौरा में शुक्रवार की शाम दो नवजात बच्चों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे उनके परिजनों में कोहराम मच गया।
अस्पताल में शाम को सोनी देवी पुत्री नन्हें निवासी महुली व वाराडीह की प्रतिभा पत्नी पियूष कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया था। इस दौरान अस्पताल की महिला चिकित्सक गायब थीं। स्टाफ नर्स ने इन महिलाओं को भर्ती किया। परिजनों का आरोप है कि इनका प्रसव कराया गया लेकिन अपेक्षित चिकित्सा व्यवस्था न मिलने से इन बच्चों ने एक-एक कर दम तोड़ दिया।
इसकी जानकारी होते ही परिजन रोने बिलखने लगे। इस घटना से अस्पताल में कोहराम मच गया। पीड़ितों का आरोप था कि अगर चिकित्सक रहती तो नवजात बच्चों की जान बच सकती थी। सरकार जच्चा-बच्चा की मौत को रोकने के लिए प्रतिमाह करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन चिकित्सक अस्पताल में नहीं जा रहे हैं। इस अस्पताल में आधा दर्जन पुरुष व एक महिला चिकित्सक तैनात हैं लेकिन वे अस्पताल आते ही नहीं आए भी तो रूकते नहीं।
इससे आएदिन लोगों की जान जा रही है। पीड़ितों को आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी भी सांठगांठ करके चिकित्सकों को मनमानी की छूट दिए हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर
