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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-तिब्बत संबंध को लेकर जताई चिंता

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Published: Wed, 11 Dec 2013 01:55 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 11 Dec 2013 01:56 AM (GMT+05:30)

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मेरठ : आइआइएमटी कॉलेज के प्रांगण में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर मेरठ एवं अन्तरराष्ट्रीय भारत-तिब्बत सहयोग समिति के संयुक्त तत्वाधान में समारोह आयोजित किया गया। अतिथियों ने तिब्बत को चीन से आजाद नहीं करने पर चिंता जाहिर की। संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि यदि हमें हिमालय और कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराना हो तो पहले तिब्बत को चीन से आजाद कराने में हरसंभव मदद करनी होगी। उन्होंने मानवाधिकारों को लेकर खासी चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान इंडो-तिब्बत समिति पर निबंध प्रतियोगिता के सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। भाजपा मानवाधिकार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक सुधीर अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। अध्यक्षता केसी गुप्ता ने की, जबकि संचालन डा. निर्देश वशिष्ठ ने किया। गौरव अग्रवाल व नीरज कौशिक आदि उपस्थित रहे।

समाज सेवा के लिए किया सम्मानित

वरिष्ठ नागरिक होती लाल सोधी, वाईपी कौशल व केबी शर्मा को समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान करने के लिए स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

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