यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बदलते मौसम से संक्रामक रोगों ने दी दस्तक
मैनपुरी : मौसम के बदलते मिजाज ने संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा दिया है। मलेरिया और बुखार से पीड़ितों की

मैनपुरी : मौसम के बदलते मिजाज ने संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा दिया है। मलेरिया और बुखार से पीड़ितों की संख्या में अचानक इजाफा हो गया है। मलेरिया की चपेट में आए एक व्यक्ति की जिला चिकित्सालय में मौत हो गई। सुबह शाम की सर्दी और दिन में गर्मी बीमारियां फैला रहा है।
बेवर क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी ठाकुर दास के पुत्र नौरतन सिंह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज ज्योंती तिराहे पर एक चिकित्सक के यहां चलता रहा। तबियत ज्यादा खराब होने पर चिकित्सक ने हाथ खड़े कर दिए।
परिजनों ने नौरतन को जिला चिकित्सालय ले जाने की तैयारी की। परिजन नौरतन को जिला चिकित्सालय ले पहुंचे कि आपातकालीन कक्ष के गेट पर ही नौरतन ने दम तोड़ दिया।
आपातकालीन के प्रभारी चिकित्साधिकारी आरके सिंह ने बताया कि नौरतन की अस्पताल में आने से पहले ही मौत हो चुकी है।
गुरुवार को अस्पताल में 765 मरीजों को ओपीडी में उपचार दिया गया। जिसमें 263 लोग बुखार और वायरल की चपेट में थे। जबकि 13 लोगों को कोल्ड डायरिया, 19 सांस के रोगी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे।
डॉक्टर बोले
'मौसम के बदलने से बच्चों में वायरल और बुखार की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। एक सप्ताह पहले बच्चों की संख्या अस्पताल में कम थी। जबकि दो दिनों से बच्चों के बीमार होने की संख्या में इजाफा हुआ है।'
डॉ. आरपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, मैनपुरी।
'अस्पताल में दवाएं लगभग सभी हैं। कुछ दवाओं की कमी है, जिनकी डिमांड भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल में भीड़ ज्यादा हो जाती है।'
डॉ. आरके सागर, सीएमएस, मैनपुरी।
