यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संक्रामक बीमारी से दो की मौत
जागरण संवाददाता, महोबा: सदर अस्पताल में मरीजों की लंबी लाइन छोटी होने का नाम नहीं ले रह

जागरण संवाददाता, महोबा: सदर अस्पताल में मरीजों की लंबी लाइन छोटी होने का नाम नहीं ले रही है। सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल के अंदर, परिसर में तीमारदार मरीजों को लेकर डटे ही रहते हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। शुक्रवार को भी संक्रामक बीमारी के कारण दो लोगों की जान चली गई। इस समय वायरल, डायरिया का प्रकोप अधिक है। एक सप्ताह के अंदर करीब छह लोगों की मौत हो चुकी है।
संक्रामक बीमारियों से हुई मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रही मौतों से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है और स्वास्थ्य विभाग तेजी से बढ़ रही बीमारियों को रोकने में नाकाम साबित है। जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी सहित सभी निजी अस्पताल मरीजों से खचाखच भरे पड़े हैं। दिन में निकल रही तेज धूप और उमस के साथ ही रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते लोग उल्टी दस्त व बुखार सहित अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी के चलते यहां उपचार कराने आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कबरई निवासी 40 वर्षीय घनश्याम भी संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गया। परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए। यहां दौरान उपचार उसकी मौत हो गई। उधर लवकुशनगर मप्र निवासी 7 वर्षीय रवि की भी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे अस्पताल लाए लेकिन यहां लाने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके पूर्व भी कई लोगों की संक्रामक बीमारियों की चपेट में आकर मौत हो चुकी है।
गंदगी से भी बीमारी बढ़ रही- सफाई व्यवस्था सही न होने से भी बीमारियां बढ़ रही हैं। वायरल, डायरिया इसी की देन हैं। नगर पालिका इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। डाक्टर आरएस मिश्रा का कहना है कि लोग खानपान और रहन सहन दुरुस्त रखें। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें।
