यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत
जागरण संवाददाता, महोबा : जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है और डॉक्टर

जागरण संवाददाता, महोबा : जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है और डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। बीती रात प्रसव के दौरान लापरवाही बरती गई। इसके चलते हालत बिगड़ने पर नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा काटा और मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
जिले के कुड़ार गांव की निवासी रामदेवी को प्रसव पीड़ा होने पर चरखारी के स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। बताया जाता है कि यहां महिला को भर्ती नहीं किया गया। परिसर में ही प्रसूता दर्द से कराहती रही। इसके बाद उसने लेवर कक्ष के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इससे स्वास्थ्य कर्मी सकते में आ गए। लेकिन असुरक्षित प्रसव से जच्चा बच्चा की हालत बिगड़ने लगी तो दोनों को महोबा रेफर कर दिया गया। यहां नवजात की मौत हो गई वहीं महिला का उपचार चल रहा है। पति घासीराम ने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा काटा। सीएमओ डा. सुनीत कुमार ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
