यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गर्मी हुई जानलेवा, दो की मौत

महोबा, जागरण संवाददाता : आग उगलते सूर्यदेव के चलते पारा 44 डिग्री होने से गर्मी अब अपना विकराल रूप धारण कर जानलेवा हो गई है। शनिवार को लू की चपेट में आकर तेज बुखार व उल्टी दस्त के चलते दो युवकों की मौत हो गई। वहीं भीषण गर्मी के चलते मरीजों की संख्या में दिनोंदिन बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो रही है। सरकारी हो या निजी अस्पताल सभी मरीजों से खचाखच भरे पड़े हैं।
बता दें कि शनिवार को तापमान 44 डिग्री होने से सुबह से ही तेज धूप के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे। रोजाना उल्टी दस्त व तेज बुखार के मरीजों में बढ़ोत्तरी हो रही है। श्रीनगर प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे का मनोहरगंज निवासी 38 वर्षीय हीरालाल साहू ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। शनिवार को उल्टी दस्त व तेज बुखार से पीड़ित होने के चलते परिजनों के द्वारा उसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज झांसी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही हीरालाल की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक ट्रैक्टर चलाते समय हीरालाल दो दिन पूर्व लू की चपेट में आ गया था, तब से वह बीमार चल रहा था। शनिवार को झांसी ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। उधर पहरा गांव निवासी ब्रजबिहारी को परिजनों द्वारा मुख्यालय के चिकित्सालय उल्टी दस्त व तेज बुखार से पीड़ित होने पर लाया गया था। यहां स्थिति में सुधार न होने पर डाक्टरों ने उसे झांसी रेफर कर दिया। परिजन वहां ले जा पाते लेकिन इसके पहले ही उसकी मौत हो गई। उधर जिला अस्पताल में उल्टी दस्त व बुखार से पीड़ित होकर संजय, दीपक निवासीगण कबरई, सोनिया, उमेश निवासीगण चरखारी, धनेश गांधीनगर सहित दर्जनों की संख्या में लोग अपना उपचार कराने को भर्ती हैं।
बेतहाशा गर्मी में क्या बरतें सावधानी
-घर से निकलने के पहले भरपूर मात्रा में पानी पीकर निकलें।
-खाने के साथ मट्ठे, आम का पना व नींबू आदि का सेवन करना लाभदायक।
-घर से निकलते ही अपने शरीर को गमछा, तौलिया व छाता आदि से ढककर ही निकलें।
-बाहरी चीजों के खानपान व गरिष्ठ भोजन के सेवन से बचें।
- आंखों की देखभाल के लिए काले रंग का चश्मा पहनकर निकलें, ताकि तेज धूप व धूल के चलते आंखें सुरक्षित रहें।
जरा सी लापरवाही आपके स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। उल्टी, दस्त व बुखार आने पर खुद दवाएं न लें बल्कि तुरंत चिकित्सक के पास जाकर समस्या बताएं और अपना बेहतर उपचार कराएं। गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी की जरूरत है। बच्चों को धूप व गर्मी से बचाकर रखें।
- डा. आरपी मिश्रा, चिकित्सक, जिला चिकित्सालय।
