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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डायरिया से दो की मौत, तीन दर्जन बीमार

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Published: Thu, 26 Sep 2013 01:35 AM (IST)Updated: Thu, 26 Sep 2013 01:36 AM (IST)

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बेलाताल (महोबा) : मौसमी बीमारियों की चपेट में आकर लोग कराह रहे हैं। इसी क्रम में दूषित पानी पीने के चलते जैतपुर ब्लाक के ड्योढ़ीपुरा में दो वृद्धाओं की डायरिया की चपेट में आकर मौत हो गई। जबकि क्षेत्र में दर्जनों लोग डायरिया की चपेट में हैं। इनमें मासूम सहित दो की हालत गंभीर होने पर नौगांव मप्र के चिकित्सालय भेजा गया है। बीमारी के चलते लोगों में हड़कंप मचा है। बीमारी के फैलने की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्साधिकारी ने चिकित्सकों की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने कुओं में दवाइयां डालने के साथ ही लोगों का उपचार शुरू कर दिया है।

इन दिनों जैतपुर ब्लाक के ड्योढ़ीपुरा में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। लौड़ी कस्बा की पठा निवासी 60 वर्षीय फुल्ली उर्फ फूलवती पत्‍‌नी भूपत राजपूत एक सप्ताह पूर्व अपनी बेटी के यहां ड्योढ़ीपुरा आईं थीं। बुधवार को डायरिया की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। क्षेत्र की ही 65 वर्षीय प्रेमवती पत्‍‌नी हरनारायण पाठक की भी डायरिया से मौत हो गई। वहीं रेशू (2), मोनू (1), डेढ़ वर्षीय कंचन, पिंकी पुत्री कमल (2), ब्रजेश पुत्र आशाराम, सोमवती (35), निखिल पुत्र कमलेश (3), बसंतलाल (85), कस्तूरी पत्‍‌नी जितेंद्र (23) व अर्चना पत्‍‌नी गजेंद्र (23) सहित तीन दर्जन लोग डायरिया के कहर के चलते कराह रहे हैं। सभी को चिकित्सालय में उपचार के लिए दाखिल कराया गया है। वहीं पीड़ित सोमवती व निखिल की हालत में सुधार न होने पर उन्हें नौगांव मप्र के चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है। उधर सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां पहुंच लोगों का उपचार करना शुरू कर दिया है। जैतपुर के चिकित्साधिकारी डा. पीके राजपूत बताते हैं कि सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। दूषित पानी के सेवन के चलते लोग बीमार हुए हैं। इस कारण से कुओं में दवाइयां डलवाई जा रहीं हैं। उनके मुताबिक हालात पर काबू कर लिया गया है।

पिछले आठ सालों से नहीं हुई कुओं की सफाई

डायरिया के प्रकोप के चलते लोगों में हड़कंप मचा है। ड्योढ़ीपुरा के कमल, गजेंद्र, अरविंद आदि बताते हैं कि पिछले आठ सालों से कुओं की सफाई नहीं कराई गई। जिससे उनका पानी बेहद गंदा व मटमैला हो गया है। साथ में हैंडपंपों से भी दूषित पानी आ रहा है। यदि समय-समय पर पानी को साफ कर दिया जाता तो डायरिया के प्रकोप से बचा जा सकता था।

क्या बोले जवाबदेह

जैतपुर ब्लाक के ड्योढ़ीपुरा में चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमार लोगों का उपचार कराया जा रहा है। साथ ही डायरिया के प्रकोप को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। -डा. जीके कुरील, मुख्य चिकित्साधिकारी।

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