यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किया इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों का दौरा

स्वास्थ्य
- सिसवा क्षेत्र के दो गांव में जेई के प्रति किया जागरूक
जागरण संवाददाता, महराजगंज:
सिसवा क्षेत्र में जेई से प्रभावित दो गांव में पहुंच कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव शनिवार को जेई से पीड़ित परिवार से मिले। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर बीमारी से बचने के लिए जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया।
सिसवा क्षेत्र के पिपरा बजार व हथियागढ़ के दो बच्चों की बीते दिन मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। दोनों बच्चों की मौत की सूचना पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गांव में पहुंच कर ग्रामीणों को इंसेफेलाइटिस के प्रति जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बुखार आने पर बच्चे को झोला छाप चिकित्सक के वहां न ले जाएं। बुखार की अवस्था में बच्चे को तुरंत सरकारी अस्पताल में दिखाएं। उन्होंने बताया कि बच्चे को दिमागी बुखार का टीका अवश्य लगवाए। मच्छर के काटने से बचें। आबादी वाले क्षेत्र में सुअरबाड़ा न बनाए। इंडिया मार्क हैंड पंप का ही पानी पिए, पक्के व सुरक्षित शौचालय का ही प्रयोग करें। शौच के बाद व खाना खाने के पहले हाथ साबुन या राख से साफ करें। नाखुन काटते रहे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बेहोशी या झटके आने पर बच्चे के मुंह में कुछ भी न डालें। घर के आसपास गंदा पानी एकत्र न होने दें। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेंद्र प्रसाद के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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