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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोरखपुर, फर्रूखाबाद के बाद अब बहराइच जिला अस्पताल में तीन मासूमों की मौत

By Ashish MishraEdited By:
Published: Wed, 30 Aug 2017 09:06 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 31 Aug 2017 12:15 PM (GMT+05:30)

जिला अस्पताल में उपचार के दौरान तीन मासूमों की मौत हो गई। 35 और बाल रोगियों को भर्ती कराया गया। ...और पढ़ें

गोरखपुर, फर्रूखाबाद के बाद अब बहराइच जिला अस्पताल में तीन मासूमों की मौत
गोरखपुर, फर्रूखाबाद के बाद अब बहराइच जिला अस्पताल में तीन मासूमों की मौत

बहराइच (जेएनएन)। बुधवार को बुखार व बर्थएसफिक्सिया से जिला अस्पताल में उपचार के दौरान तीन मासूमों की मौत हो गई। 35 और बाल रोगियों को भर्ती कराया गया। इनमें 15 की हालत गंभीर है। इन्हें आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है। तराई में मौसम की चल रही लुकाछिपी के बीच संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। बीमारियों की चपेट में आकर आए दिन नवजातों की सांसे टूट रही हैं। फखरपुर थाना क्षेत्र के बरगोढ़िहा निवासी मुजीब की पत्नी को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जिला अस्पताल में महिला ने नवजात बच्चे को जन्म दिया। थोड़ी देर बाद बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गंभीर हालत में उसे पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी अहमद रजा (छह माह) पुत्र यार मुहम्मद को बुखार की शिकायत पर जिला अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

पयागपुर निवासी इकरा (छह माह) पुत्र वाजिद अली की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। जिला अस्पताल में उपचार के लिए 35 अन्य बाल रोगियों में सुबीना (12), रहमान (2 माह), इशिका (11 माह), मुइंया (डेढ़ साल), आयान (3 माह), नीतिश (25 दिन), सिराज (2 साल), अमन (डेढ़ साल) समेत 15 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीडियट्रिक आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है।

दिमागी बुखार व बर्थएसफिक्सिया से हो रही ताबड़तोड़ मौतों के बाद भी स्वास्थ्य महकमा चेतने को तैयार नहीं है। महकमे के अधिकारी चाक-चौबंद व्यवस्था का दावा तो करते हैं, लेकिन आए दिन अस्पतालों में हो रही मासूमों की मौत उनके दावे की पोल खोल रही हैं।