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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्य सचिव से मिलकर यूपी के राज्य कर्मचारी भी मांगेंगे केंद्र जैसे भत्ते

By Ashish MishraEdited By:
Published: Fri, 30 Jun 2017 01:46 PM (IST)Updated: Fri, 30 Jun 2017 02:35 PM (IST)

महंगाई भत्ते को दो फीसद से बढ़ा कर चार फीसद करने और मकान किराया भत्ता (एचआरए) केंद्रीय कर्मचारियों के समान करने की मांग की है।

मुख्य सचिव से मिलकर यूपी के राज्य कर्मचारी भी मांगेंगे केंद्र जैसे भत्ते
मुख्य सचिव से मिलकर यूपी के राज्य कर्मचारी भी मांगेंगे केंद्र जैसे भत्ते

लखनऊ (जेएनएन)। केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते तय होने के साथ ही राज्य कर्मचारियों ने भी सातवें वेतनमान के अनुरूप अपने भत्तों को संशोधित करने की मांग की है। नए मुख्य सचिव राजीव कुमार की नियुक्ति के बाद राज्य कर्मचारी अब उनके सामने अपनी मांगें व समस्याएं रखने की तैयारी कर रहे हैं।


राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्र ने महंगाई भत्ते को दो फीसद से बढ़ा कर चार फीसद करने और मकान किराया भत्ता (एचआरए) केंद्रीय कर्मचारियों के समान करने की मांग की है। मिश्र ने बताया कि केंद्र में एचआरए जहां शहरों की श्रेणी के मुताबिक दिया जाता है, वहीं प्रदेश में यह कर्मचारियों की ग्रेड पे के अनुसार दिया जा रहा है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को यह 1200 रुपये प्रतिमाह, जबकि तृतीय श्रेणी में लिपिक संवर्ग को 2000-2800 ग्रेड पे पर 1700 रुपये और 4200-5400 ग्रेड पे पर 2700 रुपये प्रतिमाह की दर से दिया जा रहा है। परिषद ने इन दरों को अव्यावहारिक ठहराते हुए एचआरए को केंद्रीय कर्मचारियों के समान किए जाने की मांग की है।


परिषद महामंत्री ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों को कई तरह के भत्ते मिलते हैं, जबकि प्रदेश में सिर्फ महंगाई भत्ता व एचआरए दिया जा रहा है। हालांकि कुछ संवर्ग को विभिन्न भत्ते अलग से मिलते हैं, जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, पुलिस और वन विभाग में फील्ड कर्मचारियों को वर्दी व धुलाई भत्ता, स्वास्थ्य विभाग में नर्स को पेशेंट केयर एलाउंस और ग्राम्य विकास अधिकारियों व गन्ना पर्यवेक्षकों को मिलने वाले भत्तों के अलावा फील्ड कर्मचारियों का 100 रुपये का भत्ता शामिल है।


परिषद की मांग फील्ड कर्मचारियों को मोटरसाइकिल भत्ता और स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल कर्मचारियों को पेशेंट केयर एलाउंस के साथ सभी कर्मचारियों को शिक्षा व वाहन भत्ता दिए जाने की मांग की है। परिषद महामंत्री ने बताया कि महंगाई भत्ता दो फीसद बढ़ाने से सरकार पर करीब दो हजार करोड़ रुपये और तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को केंद्र के समान एचआरए देने पर लगभग 660 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।