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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईडी के साथ अनुभव मित्तल आज लखनऊ कोर्ट में पेश

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sat, 18 Feb 2017 03:02 PM (IST)Updated: Sat, 18 Feb 2017 03:50 PM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने अनुभव मित्तल को आज लखनऊ कोर्ट में पेश किया। अनुभव मित्तल पर सात लाख लोगों से 3700 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का आरोप है।

ईडी के साथ अनुभव मित्तल आज लखनऊ कोर्ट में पेश
ईडी के साथ अनुभव मित्तल आज लखनऊ कोर्ट में पेश

लखनऊ (जेएनएन)। करोड़ों की ऑनलाइन ठगी के मामले में आज प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की टीम ने अनुभव मित्तल को आज लखनऊ कोर्ट में पेश किया। अनुभव मित्तल पर सात लाख लोगों से 3700 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का आरोप है। अब्लेज इंफो सॉल्यूशंस नाम के इस कंपनी ने 3700 करोड़ रुपए का घोटाला कर चुकी है।

एसटीएफ इस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है।अनुभव फिलहाल ईडी की गिरफ्त में है।

ईडी ने अनुभव के अलावा उसके दो साथी श्रीधर और महेश दयाल को भी कोर्ट में पेश किया। अनुभव की कंपनी सोशल मीडिया पर लाइक और क्लिक का झांसा देकर लोगों से ठगी करती थी।

अनुभव मित्तल पर कसा मनी लांड्रिंग का शिकंजा, प्रवर्तन निदेशालय ने मारा छापा

आरोप है कंपनी एक लाइक के पीछे पांच रुपए देने का वादा करती थी। अनुभव की कंपनी पर दूसरी कंपनियों से सात रुपये प्रति क्लिक लेने का आरोप है। ईडी ने नोएडा पॉन्जी स्कैम में इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।

लगभग 3700 करोड़ के इस घोटाले में अनुभव मित्तल और उसकी कंपनियों का नाम शामिल है। ईडी के अधिकारियों के अनुसार जब कोई व्यक्ति कंपनी में पांच हजार से लेकर 57,000 रुपए तक निवेश करता था। तब दुकान चलाने के लिए कंपनी कहती थी कि वह दूसरी कंपनियों से 7 रुपए प्रति क्लिक लेते हैं और उसमें से 5 रुपए ग्राहकों को देती है। मामले की जांच कर रही यूपी एसटीएफ अनुभव मित्तल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। प्रति लाइक पांच रुपए की दर से भुगतान किया जाता था।

कोई व्यक्ति अपने नीचे दो लोगों को जोड़ता था तो 4,000 रुपए का बोनस दिया जाता था। भुगतान पर कंपनी 5 से 13 प्रतिशत का टैक्स भी काटती थी। सोशल ट्रेड से जुड़ते ही उनके खाते में 150 लाइक जोड़ दिए जाते थे। इसके बाद जोडऩेवाला व्यक्ति अपने नीचे दो लोगों को जोड़ता था और इनको भी 57,500 रुपए देने होते थे। पिछले दिनों यूपी एसटीएफ को शिकायत मिली थी कि नोएडा में सोशल ट्रेडिंग के नाम पर एक कंपनी अरबों रुपए का कारोबार कर रही है, लेकिन इस कंपनी ने 7 लाख से ज्यादा इन्वेस्टर्स के साथ धोखाधड़ी की है। इसके बाद शुरू हुई जांच में इस स्कैम का खुलासा हुआ।