यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अंग्रेजों के समय के भवन के ध्वस्तीकरण पर रोक
लखनऊ (उप ब्यूरो)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंग्रेजों के समय महमूरगंज, वाराणसी में बने पुराने मक

लखनऊ (उप ब्यूरो)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंग्रेजों के समय महमूरगंज, वाराणसी में बने पुराने मकान को सड़क चौड़ीकरण के नाम पर ध्वस्त करने की कार्यवाही रोक दी है और राज्य सरकार सहित विपक्षीगण से याचिका पर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति वीके शुक्ल तथा न्यायमूर्ति सुमित कुमार की खंडपीठ ने सुरेंद्र प्रसाद खन्ना व अन्य की याचिका पर दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ने बहस की। पीडब्ल्यूडी वाराणसी के रथयात्रा मार्ग का चौड़ीकरण कर रही है जिसके लिए जिलाधिकारी ने चिह्नांकन किया। याची के बंगले में दस फीट तक सीमांकन किया गया है। याची का कहना है कि उसके पूर्वजों द्वारा ब्रिटिश शासनकाल में मकान सं. डी 37-121 अनुराग भवन नीलामी में खरीदा गया था। भवन लखौरी ईट से बना है। याची ने न तो अतिक्रमण किया है और न ही अवैध निर्माण किया है। बिना उसका पक्ष सुने जिला प्रशासन उसके भवन का ध्वस्तीकरण करने जा रहा है जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।
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