यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कानपुर में विचित्र बुखार से पांच की मौत, सात सौ बीमार
कानपुर के भीतरगांव क्षेत्र के बौहारा गांव में विचित्र बुखार से हाहाकार मचा है। 13 दिनों में पांच लोग दम ...और पढ़ें

लखनऊ। कानपुर के भीतरगांव क्षेत्र के बौहारा गांव में विचित्र बुखार से हाहाकार मचा है। 13 दिनों में पांच लोग दम तोड़ चुके हैं, जबकि सात सौ से अधिक बीमार हैं। मेडिकल टीम ने सौ से अधिक पीडि़तों को कई अस्पतालों में भर्ती कराया है। एक मृतक के परिवारीजन ने डेंगू की पुष्टि होने की जानकारी दी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू व मलेरिया फैलने से इनकार किया है। उनका दावा है कि यह सामान्य संक्रामक बुखार है।
गांव में बुखार का एक पखवारे से कहर है। बड़ी संख्या में लोगों के पीडि़त होने पर गांव में झोलाछाप सक्रिय हो गए। तीन अगस्त को इसकी चपेट में आये राम किशोर दिवाकर के पुत्र शैलेंद्र दिवाकर (20) की मौत हो गयी थी। उसके पूरे बदन में ऐठन व पेट में दर्द होता था। इलाज के लिए कानपुर गए गोविंद गुप्ता (52) की शुक्रवार सुबह और शिव बाबू उत्तम (35) की देर रात हैलट अस्पताल में मौत हो गई। शिव बाबू के परिवारीजन ने बताया कि शुक्रवार शाम हैलट अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। डाक्टरों ने मौत का कारण डेंगू बताया है। हैलट के बाल रोग चिकित्सालय में भर्ती चुन्नी लाल के 15 दिन के नवजात ममता की शनिवार देर रात मौत हो गई। कांशीराम हास्पिटल में भर्ती हसमत अली (67) ने भी रविवार दोपहर दम तोड़ दिया। बुखार से लोगों के पीडि़त होने की सूचना पर शुक्रवार को डाक्टरों की टीम गांव पहुंची। उर्सला में 24, हैलट में 13, कांशीराम अस्पताल में 20 मरीज भर्ती कराए गए हैं। इसके अलावा नर्सिंग होम में भी मरीज भर्ती हैं। सीएमओ डॉ. आरपी यादव का कहना है जिनकी मौत हुई है वह पहले से बीमार थे। मरीजों के रक्त के नमूने की जांच में मलेरिया व डेंगू के लक्षण नहीं मिले हैं। ग्रामीणों को सामान्य वायरल बुखार है। गांव में अत्याधिक गंदगी है, सफाई कराई जा रही है।
कानपुर की स्वास्थ्य सेवा ध्वस्त
भाजपा ने कानपुर में रहस्यमय बीमारी के कारण चार लोगों की मौत व 1000 बीमारों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं न मिल पाने पर सपा सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमला बोला हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डा. मनोज मिश्र ने आरोप लगाया कि कानपुर में रहस्यमय बीमारी के चलते लगातार हो रही मौतों के बावजूद सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। कानपुर में कानपुर की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। बीमारी पर नियंत्रण के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। अस्पताल नाकाफी साबित हो रहे हैं। समाजवादी एम्बुलेंस सेवा गायब है और मरीज राम भरोसे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को मामले की गम्भीरता समझ कर युद्ध स्तर पर पीडि़तों की तत्काल मदद करें।
