यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'पीके' की मुहिम पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ब्रेक
तमाम प्रयासों के बाद भी कल लखनऊ में पीके की अखिलेश यादव से मुलाकात न हो सकी। गठबंधन को लेकर मुख्यमंत्री के मौन रहने से मामला उलझता दिख रहा है।

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) की रणनीति को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव फेल कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी से गठजोड़ कराने की कोशिश में जुटे कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ 'पीके' की मुहिम पर फिलवक्त मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बे्रक लगा दिया है।
तमाम प्रयासों के बाद भी कल लखनऊ में पीके की अखिलेश यादव से मुलाकात न हो सकी। गठबंधन को लेकर मुख्यमंत्री के मौन रहने से मामला उलझता दिख रहा है। वहीं 'पीके' को लेकर कांग्रेस में बवाल तेज है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुनील राय समेत कई पदाधिकारियों ने उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लिखे पत्र में गठजोड़ का विरोध किया है।
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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की बदहाली दूर करने की जिम्मेदारी संभाले चुनाव प्रबंधन विशेषज्ञ प्रशांत किशोर अब समाजवादी नेताओं के घरों के चक्कर काटने में लगे है। सूत्रों के मुताबिक पीके सपा प्रमुख मुलायम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से मुलाकात कर उन्हें गठबंधन का गणित समझाने में लगे हैं लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ पायी। उधर अखिलेश ने भी पीके को मुलाकात का समय भी नहीं दिया क्योंकि मुख्यमंत्री खेमे का मानना है कि पीके की कोशिशें अमर सिंह के इशारे पर जारी हैं। जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर व अन्य नेताओं ने पीके की भूमिका पर सवाल खड़े किये हैं तो गठजोड़ जैसी चर्चा समाजवादी पार्टी के चुनावी अभियान को कमजोर करेंगी।
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कतरा रहे शिवपाल
मंच से परसों गठबंधन की हुंकार भरने वाले समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव कल पीके से मुलाकात और गठबंधन से जुड़े सवालों से बचते दिखे। पार्टी मुख्यालय पर पहुंचे शिवपाल ने उचित समय पर गठबंधन का जवाब देने की बात कह मीडिया से किनारा कर लिया। सूत्रों का कहना है कि सपा में भी कांग्रेस से गठजोड़ को लेकर एक राय नहीं है। विरोध करने वाले एक कैबिनेट मंत्री के मुताबिक कांग्रेस इस बार दहाई की संख्या नहीं छू पाएगी। ऐसे में गठबंधन करने से सपा को नुकसान होगा। समाजवादी पार्टी का बहुमत नहीं आने पर कांग्रेस को पलटी मार बसपा के साथ जाने से रोकना भी मुश्किल होगा।
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अब कांग्रेस में भी चिट्ठी बम
'पीके' के बढ़ते दखल के विरोध में कांग्रेस में बवाल तेज हो गया है। प्रदेश सचिव सुनील राय ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर पीके पर लगाम लगाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस बसपा और सपा को प्रदेश की बदहाली का दोषी करार देते हुए कांग्रेस जनता के बीच जगह बनाने में लगी है, उस पर पीके की मनमानियां पानी फेर रही हैं। सपा से गठजोड़ की चर्चा कांग्रेस के लिए घातक सिद्ध होगी।
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उन्होंने दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं के बयानों को रुकवाने की मांग की। उधर वरिष्ठ नेता व फ्लैगशिप प्रोग्राम के चेयरमैन संजय दीक्षित ने आरोप लगाया कि सूबे के संसाधनों की लूट के दोषी दल के साथ कांग्रेस को कैसे छोटे भाई की हैसियत से खड़ा करने की साजिश हो रही है। इसका नुकसान 2017 में ही नहीं 2019 में भी कांग्रेस को झेलना होगा। दूसरी ओर कांग्रेस की प्रचार मुहिम को गठबंधन की चर्चाओं ने ठंडा कर दिया है। राहुल गांधी संदेश यात्राओं की रफ्तार सुस्त हो गई है।
