यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रुपयों के खातिर हुई मासूमों की हत्या!

जंगबहादुरगंज / उचौलिया लखीमपुर : घटना की रात ही पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर काफी चौकाने वाला खुलासा किया है। पुलिसिया तफ्तीश व परिवारीजनों की बातों पर गौर करें तो 13 फरवरी को लापता हुए मोहित व रोचक की हत्याएं महज चंद रुपयों के खातिर की गई थी।
मासूमों के पिता रुपेंद्र दीक्षित ने गांव के ही दो सगे भाइयों शैलेष और सर्वेश को नामजद किया है। बताया जा रहा है कि रुपेंद्र एक बीमा कंपनी में पॉलिसी का काम करते हैं। कुछ दिनों पहले रुपेंद्र ने आरोपी सर्वेश का भी 2200 रुपये में बीमा किया था। बीमा करने के चंद दिनों बाद कंपनी भाग गई और सर्वेश के पैसे डूब गए। इसको लेकर सर्वेश आए दिन रुपेंद्र से अपने 2200 रुपये मांगता था, लेकिन कंपनी भाग जाने के कारण सर्वेश को रुपये नहीं मिले। आरोप है कि सर्वेश ने इसी रंजिश में घटना को अंजाम दिया। दूसरा आरोप है कि कछ दिनों पहले शैलेष और सर्वेश का गन्ना जल गया था। दोनों लोगों को शक था कि गन्ना रुपेंद्र ने जलवाया है। इन दोनों बातों को रंजिश बताकर पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया और एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिलहाल पुलिस इन दो बिंदुओं के अलावा अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
तीन दिन पहले हुई थी हत्याएं : मोहित और रोचक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दोनों बच्चों की हत्याएं तीन दिन पहले हुई थी। दोनों बच्चों के गले धारदार हथियार से काटे गए थे। बच्चों का पेट फाड़कर शरीर के अंग जानवरों के नोचने से बाहर आ गए थे।
सीओ के निलंबन की मांगी गई थी आख्या : पसगवां में दो मासूमों की हत्या के बाद हुए बवाल में अपर पुलिस अधीक्षक ने एसओ विश्वनाथ यादव को लाइन हाजिर कर स्थिति को नियंत्रण में किया। इसके बाद लोगों की मांगों को देखते हुए हल्के के सिपाही गुफरान और माता बदल यादव को निलंबित कर दिया गया। सूत्रों की माने तो मामला आइजी व डीआइजी तक पहुंचने के बाद सीओ मोहम्मदी के निलंबन की आख्या मांगी गई थी। स्थिति काबू में आने के बाद सीओ की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है।
