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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंसेफेलाइटिस से मासूम की मौत, आधा दर्जन पीड़ित

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Published: Sun, 10 Nov 2013 10:10 PM (IST)Updated: Sun, 10 Nov 2013 10:11 PM (IST)

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कुशीनगर : विशुनपुरा विकास खंड के गांव रोआंरी के टोला नरकटिया में शनिवार की रात साढे दस बजे भागीरथी की ढाई वर्षीय पुत्री संध्या की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई, जबकि गांव में आधा दर्जन से अधिक मासूम इसकी जद में हैं। घटना के बाद गांव में सन्नाटा है जबकि सूचना आम होने के बाद भी महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठे है।

बताया जाता है कि बीते गुरुवार को संध्या को तेज बुखार आना शुरू हुआ। परिजन गांव में ही दवा करा रहे थे कि शुक्रवार को खून की उल्टी शुरू हो गई। परिजन आनन फानन में रामकोला ले गए। जहां से डाक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज चल ही रहा था कि शनिवार की देर शाम 8 बजे डाक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कालेज के रेफर कर दिया। परिजन अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ियों से गोरखपुर ले जाने की बात की। जहां उससे मनमाने किराए की मांग होने लगी। थक हार कर परिजन गांव से गाड़ी आने का इंतजार कर ही रहे थे कि अस्पताल परिसर में ही साढे दस बजे रात में मौत हो गई।

काश ! समय से हो गया होता गाड़ी बंदोबस्त

गरीबी के कारण संध्या का पिता मजबूर होकर गांव से गाड़ी मंगाया। जिसमें आने में घंटों लग गया। अगर समय से मेडिकल कालेज पहुंच गई होती तो शायद उसकी जान बच गई होती।

उसी रात भाई भी हुआ बीमार

मृत संध्या के परिजन शव को लेकर आधी रात घर पहुंचे तो उसका बड़ा भाई 4 वर्षीय करन को भी तेज बुखार के साथ उल्टी शुरू हो गया। संध्या के शव को घर पर रख परिजन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र रामकोला ले गए और इलाज करा वापस आने के बाद संध्या के शव को दफन किया। इसके अलावा मुन्नी लाल की 3 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी, भरत की 6 माह की पुत्री दुखनी, सपना, गुड़िया, चांदनी सहित आधा दर्जन से अधिक बच्चे पीड़ित हैं। जबकि आज तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है।

इस संबंध में चिकित्साधिकारी मंसाछापर डा. जेएन सिंह ने बताया कि मौत की जानकारी मुझे नहीं है। लेकिन गांव में टीम भेजकर टीकाकरण, फागिंग तथा क्लोरिन की गोलियां वितरित कराया जाएगा।

गांव में गंदगी का अंबार

लगभग 10 हजार का आबादी वाला यह गांव चार टोलों में बसा हुआ है। जहां कुल 35 नालियां हैं। जिनकी सफाई एक कर्मी के भरोसे है। चार पुरवों को मिला कर 53 इंडिया मार्क हैंडपंप है। जिसमें 32 खराब है। विभागीय उदासीनता का आलम यह है कि बार-बार शिकायती पत्र देने के बाद भी विभाग चुप है।

रोआरी के नरकटिया टोले की आबादी लगभग 800 है। जहां 4 इंडिया मार्क हैंडपंप लगा है। सबसे गरीब बस्ती में जहां आबादी अधिक है वहां एक इंडिया मार्क है जो वर्षो से खराब है। जिसके चारो तरफ झाड झंखाड़ उग गया है। इस टोले पर मात्र एक ही नाली है। जो गंदगी से पटी है। ग्रामीण साधु चौहान, नंदू चौहान, श्यामबदन चौहान, ओम प्रकाश, बिहारी, भरत, रूदल चौहान आदि बताते हैं कि तीन वर्ष हो गए लेकिन सफाई कर्मी नहीं आया।

ग्राम प्रधान अशोक राय ने बताया कि एक महीने पहले चौहान बस्ती में खराब पड़े हैंडपंप के रिबोर के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। लेकिन विभाग का कोई अधिकारी गांव में नहीं आया।

इंसेफेलाइटिस पीड़ित बच्चे की मौत

विशुनपुरा विकास खंड के ग्रामसभा अकबरपुर के मगरुवां कुटी निवासी राजेश प्रसाद का चार वर्षीय पुत्र दिनेश इंसेफेलाइटिस की चपेट में आने से चार दिनों से मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती था। जिसकी रविवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। जिससे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

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