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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मासूम हंसी और किलकारी पर मौत का पहरा

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Published: Sat, 26 Oct 2013 10:34 PM (IST)Updated: Sat, 26 Oct 2013 10:35 PM (IST)

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कुशीनगर: दुदही विकास खंड का जंगल विशुनपुरा अभिशप्त हो चला है। काल के गाल में इस गांव की 25 घरों की मलिन बस्ती है। नवजात बच्चों की किलकारी और मासूमों की हंसी पर मौत का पहरा है। एक-एक कर छह जानें चली गई। अब भी आठ, मौत और जीवन से जंग लड़ रहे हैं। गुलजार बस्ती में सन्नाटा है। मासूम बच्चों की चहलकदमी नहीं दिखती है। दिखती है तो केवल यहां के लोगों के अंदर समाया मौत के खौफ का मंजर। चेहरे पर चस्पा दहशत की तस्वीर। एक दूसरे से बात करते डरे सहमे लोग कि कल किसी और की गोद न सूनी हो जाए। इसके बीच खड़ा दिख रहा है, वह महकमा जो अब मौतों को लेकर घड़ियाली आंसू बहा रहा है। बचाव के नाम पर कदम तेज दिखा रहा है। पर सवाल यह है कि इस गुलजार बस्ती में वीरानी का जिम्मेदार कौन है? मासूमों की मौत का जवाबदेह कौन है। ये तमाम सवाल हैं जो प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर रहा हैं।

21 अक्टूबर को सुनील 7 वर्ष की मौत इंसेफेलाइटिस से हुई। इसी दिन रंजना तीन वर्ष की भी इलाज के लिए मेडिकल कालेज ले जाते समय मौत हो गई। 22 अक्टूबर को अंजू 3 वर्ष की मौत हुई तब जाकर महकमे में खलबली मची, वह भी तब जब ग्रामीणों ने खुद डीएम को सूचित किया। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की वह तत्परता नहीं दिखी जो दिखनी चाहिए।

अपने मायके आई सविता पीड़ित बेटी आरती 7 वर्ष को लेकर गांव छोड़ बिहार स्थित अपने ससुराल तमकुहवा टाड़ भाग चली कि बेटी के जान पर खतरा न आए। लेकिन मौत ने यहां भी पीछा नहीं छोड़ा और गुरुवार की शाम उसकी भी मौत हो गई। अभी इन चार मौतों को लेकर गांव में कोहराम मचा ही था कि इलाज के दौरान सोनम 3 वर्ष की भी गोरखपुर मेडिकल कालेज में मौत हो गई। शुक्रवार को एक और मौत ने तो मानो इस पुरवे पर आफत का पहाड़ ही तोड़ दिया।

डीएम रिग्जियान सैम्फिल ने पहले ही स्वास्थ विभाग को चेताया था कि चिन्हित गांवों पर विशेष नजर रखी जाए। साफ-सफाई के साथ प्रदूषित जल पीने पर रोक लगाई जाए। हुआ तो सब कागज और लफ्जों में, नहीं हुआ तो जमीन पर। जिसके चलते जंगल विशुनपुरा अब अभिशप्त हो चला है। गांव पर छह मासूमों की लाश का पहाड़ गिरा है, जिससे पूरी बस्ती कराह रही है। सामने आए पांच और रोगियों की संख्या ने बचाव और इसके नाम पर चल रही कार्रवाई पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।

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मौत के डर से जागकर काट रहे रात, घर के चूल्हे भी बुझे

गांव में खौफ का आलम यह है कि लोग रात जागकर काट रहे हैं कि कल किसके घर मरने की खबर आ जाए। किसका मासूम काल के गाल में समा जाए। मौत के आगोश में खड़े इस पुरवे के चूल्हों को भी अनहोनी की आशंका ने बुझा दिया है। जल रहा है तो केवल गम-वियोग में लोगों का मन। बह रहा है तो आंसू..।

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अब तक गांव नहीं लौटी महिलाएं

: अपने मासूमों की जान बचाने के लिए गांव छोड़कर गई महिलाएं अब तक गांव वापस नहीं लौटी हैं। मासूमों को लेकर महफूज ठिकाने पर तो वे हैं जरुर लेकिन वहां भी उन्हे मासूमों के मौत का भय सता रहा है।

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जेई,एईएस से बचाव के लिए बच्चों को बनाएं जागरूक

जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंध सलाहकार समिति की बैठक शुक्रवार देर शाम जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान डीएम ने जेई,एईएस को लेकर बच्चों में जागरूकता लाने के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता का निर्देश दिया।

वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य ने समस्याएं बताते हुए संसाधनों की मांग की।

डीएम कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए डीएम आर सैम्फिल ने कहा कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके लिए उनमें वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई जाए साथ ही उनके वैयक्तिक विकास हेतु सामाजिक कार्यकर्ता मलाला के कार्यो से भी उन्हें अवगत कराया जाए।

बैठक के दौरान प्राचार्य तेज सागर ने भोजनालय की गुणवत्ता में सुधार हेतु एफसीआइ से गेहूं, चावल व चीनी उपलब्ध कराने की मांग करते हुए विद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय से कम से कम दस फार्म भरे जाने का प्रस्ताव रखा। क्रम में ही प्रधानाचार्य ने विद्यालय से संपर्क मार्ग, स्वच्छ जल हेतु चार इंडिया मार्क हैंडपंप, विद्यालय का बाउंड्रीवाल उंचा कराने व क्रीड़ा क्षेत्र के निर्माण कराए जाने की मांग की। जिस पर डीएम ने प्रावधान के मुताबिक संबंधित विभाग के जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिया।

डीएम श्री सैम्फिल ने बैठक में मौजूद डिप्टी सीएमओ को निर्देशित करते हुए विद्यालय परिसर में अविलंब फागिंग कराने को कहा।

बैठक में जिविनि संतोष कुमार सिंह, डिप्टी सीएमओ डा.ताहिर अली, हनुमान इंटर कालेज के प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल, आरएन सिंह, वीके यादव आदि उपस्थित रहे।

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