यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मौली में बीमारी से एक और मासूम की मौत

--मरने वालों बच्चों की संख्या पहुंची सात, गांव में दहशत
कौशांबी : मूरतगंज पीएचसी क्षेत्र के मौली गांव में रहस्यमय बीमारी की चपेट में आकर बुधवार की रात एक और बालिका ने दम तोड़ दिया। इस तरह सप्ताह भर के भीतर मरने वाले बच्चों की संख्या सात पहुंच गई है। बीमारी से लगातार हो रही मौतों के चलते गांव में दहशत का माहौल है। वहीं निरीक्षण के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग बीमारी पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कस पाया है।
मौली गांव में करीब सप्ताह भर से रहस्यमय बीमारी ने मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले रखा है। तेज बुखार व बदन दर्द के बाद बच्चों की ताबड़तोड़ मौतें हो रही हैं। कई-कई दिनों तक बुखार से पूरा शरीर तपता रहता है। दवा का असर जब तक रहा तब तक ठीक, अन्यथा फिर बुखार की तपन से मासूम परेशान हो जाते हैं। इसी क्रम में सप्ताह भर के भीतर गांव के ही संतोष की तीन वर्षीय बेटी, रामचंद्र, मरिया पुत्री प्रेमचंद्र समेत छह मासूमों की मौत पहले हो चुकी है। जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर दर्जनों बीमार लोगों का इलाज किया और बीमारी की वजह आंकने के लिए कई सिंपल भी लिए। इसके बावजूद बीमारी पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कसा जा सका। यही वजह रही कि गांव के ही रोशनलाल की डेढ़ वर्षीय बेटी राधिका ने बुधवार की रात बुखार के चलते दम तोड़ दिया। बीमारी के चलते लगातार हो रही मौतों से दहशत का माहौल है।
