यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झोलाछाप ने ली मासूम की जान

कौशांबी : सदर कोतवाली क्षेत्र के देवखरपुर के एक झोलाछाप चिकित्सक ने ननिहाल में आई मासूम की इलाज के दौरान जान ले ली। चिकित्सक जबरन उसका इलाज करता रहा। हालत नाजुक होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर भागे, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गई। अंतिम संस्कार करने के बाद परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ सदर कोतवाली में तहरीर दी है।
सरायअकिल के फकीराबाद मोहल्ला निवासी नत्थू प्रसाद अग्रहरि की सदर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गापुर में ससुराल है। स्कूल की छुट्टी होने पर नत्थू प्रसाद की पुत्री दिपाली (11) अपनी मां के साथ ननिहाल आई थी। शुक्रवार की सुबह दिपाली को बुखार आ गया। ननिहाल वाले उसका इलाज कराने के लिए देवखरपुर के एक झोलाछाप चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने उसका इलाज शुरू कर दिया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो रहा था। आरोप है कि परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन चिकित्सक जाने नहीं दिया। हालत नाजुक हो गई तो परिजन किसी तरह उसे लेकर जिला अस्पताल भागे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शव का अंतिम संस्कार करने के बाद रविवार को मृतका के परिजनों ने झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। सदर कोतवाल जेपी यादव ने तहरीर लेने के बाद मामले की जांच शुरू की। पीड़ित परिजन सीएमओ डॉ. केएल वर्मा से भी मिलने गए, लेकिन अवकाश होने पर मुलाकात नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि कथित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह अफसरों का घेराव करेंगे।
