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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झोलाछाप के उपचार से बुखार पीड़ित बच्चे ने दम तोड़ा

By JagranEdited By:
Published: Sat, 02 Sep 2017 03:00 AM (IST)

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : जिले में बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार

झोलाछाप के उपचार से बुखार पीड़ित बच्चे ने दम तोड़ा
झोलाछाप के उपचार से बुखार पीड़ित बच्चे ने दम तोड़ा

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : जिले में बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को भी बुखार पीड़ित बच्चे की झोलाछाप के इलाज से हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। दो माह में बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 पहुंच गई है।

जिले के गांवों में मलेरिया व वायरल का प्रकोप जानलेवा हो गया है। गंदगी व जलभराव के चलते बीमारी नए नए गांवों में पांव पसार रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों न पहुंचने से झोलाछाप इलाज के नाम पर मरीजों की ¨जदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। मलासा ब्लाक के हैदरपुर गांव में दो दिन से चल रहे बुखार पीड़ित गाजी अब्बास (11) पुत्र लकी हैदर की झोलाछाप के इलाज से हालत गंभीर हो गई। शुक्रवार दोपहर परिजन उसे पुखरायां सीएचसी ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने दो दिन तक हांसेमऊ के झोलाछाप से उसका इलाज कराने की जानकारी दी। बच्चे की मौत होने की सूचना के बाद देवीपुर सीएचसी से डा. विकास की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। यहां शहनाज, सलतनत, अमन, इसरा, सानियां , हाजरा, दानिश, छज्जन, अनीस, फातिमा आलिम, मोवीन व कशिश आदि मरीजों का इलाज कर दवाइयां बांटीं। जिला संक्रामक रोग प्रभारी डा. एपी वर्मा ने बताया कि हैदरपुर में बीमारी की सूचना पर स्वास्थ्य टीम को भेजा गया है। डेंगू पीडित मरीजों के गांवों में दवा छिड़काव कराया जा चुका है। बीमारी से बताई जा रही मौतों का सत्यापन कराया जा रहा है।