यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बीमारी : 20 दिन में छह मौतें

कानपुर देहात, जागरण संवाददता : जनपद में उमस भरी गर्मी के साथ गंदगी व दूषित पानी से गांवों में उल्टी-दस्त व बुखार का प्रकोप जानलेवा हो गया है। वहीं झोलाछाप इलाज के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे। बीते बीस दिनों में बीमारी की चपेट में आकर छह मौतों में तीन की झोलाछापों के गलत इलाज से जान गई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की तंद्रा नहीं टूट रही है। बीमारी से मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व कर्मियों के नदारद रहने का फायदा उठाकर झोलाछाप इलाज के नाम पर कमाई करने में जुटे हैं।
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इनकी गई जान
17 अगस्त : मुबारकपुर गांव में उल्टी-दस्त से जयदेवी (55) की मौत।
18 अगस्त : परेहरापुर गांव में बुखार से दीपांजलि (3) की जान गई।
19 अगस्त : कोरारी गांव में छुटकी (3) की उल्टी-दस्त से मौत हुई।
28अगस्त : सरांय गांव में बुखार पीड़ित जयपाल की झोलाछाप के इलाज से मौत।
3 सितंबर : रामपुर टप्पेवान में उल्टी-दस्त पीड़ित कुंती की झोलाछाप के इलाज से मौत ।
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बीमारी प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों को भेजकर इलाज कराया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को डॉक्टरों व दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने व बीमारी की सूचना मिलते ही रैपिड रिस्पांस टीमों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
-डॉ.बीपी सिंह,एसीएमओ/ संक्रामक रोग प्रभारी
