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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उमस की मार, अस्पताल में मरीजों की भरमार

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Published: Mon, 30 Jun 2014 10:48 PM (IST)

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कानपुर देहात, जागरण संवाददाता : जनपद में तापमान 40 डिग्री पार होने तथा उमस भरी गर्मी लोगों को बीमार कर रही है। बडी संख्या में बुखार व उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। सोमवार को एक दर्जन गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया है।

मानसून में विलंब से बढ़ी उमस में बीमारी पांव पसार रही है। गांवों में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफे से झोलाछाप सक्रिय हो गए हैं। वहीं जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे रहे हैं, सोमवार को ओपीडी में 1026 मरीज दर्ज किए गए। इनमें बुखार व उल्टी-दस्त से पीड़ित औरैया की शिखा, सलावतपुर के अमन, रूरा की श्रृष्टि, अगवासी की बातिल, अकबरपुर के राजन, बेवन के प्रद्युम्न, चांदपुर की काजल, कमालपुर की पुष्पा, थनवापुर की शांती समेत एक दर्जन मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। एसीएमओ डा.बीपी सिंह ने बताया कि बीमारी के प्रकोप को देखते हुए सभी ब्लाक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। डीएमओ को बीमारी से हुई मौतों का सत्यापन कराने व बुखार पीड़ितों की रक्त पट्टिकाएं तैयार कराने के साथ मलेरिया प्रभावित इलाकों में कीटनाशकों का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है।

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बुखार से किशोरी की जान गई

भोगनीपुर, संवाद सहयोगी : कोतवाली क्षेत्र में सट्टी की मड़ैया गांव में बुखार से एक किशोरी की जान चली गई। रविवार को सट्टी की मडैया गांव के महावीर की पुत्री पूजा (12) को तेज बुखार आ गया। गांव में इलाज कराने के बाद परिजन उसे शाहजहांपुर में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले राजपुर पीएचसी के संविदा चिकित्सक अरविंद के पास ले गए। इसके बाद बच्ची की हालत और बिगड़ गई तो परिजन सीएचसी पुखरायां लेकर पहुंचे। सीएचसी के डॉ. मनोज द्वारा परीक्षण कर किशोरी को मृत घोषित कर दिया। बिलखते हुए परिजन शव लेकर लौट गए।

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खूब पियें पानी, बच्चों का रखें ध्यान

कानपुर देहात : उमस भरी गर्मी में लोग मामूली सावधानियां अपनाकर बीमारी से बचाव कर सकते हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पंकज श्रीवास्तव कहते हैं कि गर्मी के मौसम में लोग बासी भेजन न करें और पानी खूब पियें। बाजार की बर्फ का उपयोग न करें और खाली पेट घर से बाहर न निकलें। महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अवधेश पांडेय कहते हैं कि बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने से जल्दी बीमार होते हैं। बच्चों को कपड़ों से ढककर रखने तथा निरंतर पानी पिलाते रहने की सलाह दी।

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इनका रखें ध्यान

-कूलर की टंकी को हर हफ्ते साफ करें।

-घरों के आसपास गंदगी व गंदा पानी एकत्रित न होने दें।

-ताजे फल व सब्जी धोने के बाद इस्तेमाल करें।

- बासी भोजन न करें, बाजार की तली चीजों के सेवन से परहेज करें।

-बच्चों को बाजारू कैंडी, बर्फ, गन्ने के रस व रंगीन शर्बत न पीने दें।

-तेज धूप में निकलते समय सिर पर कपड़ा बांधें, आंख पर चश्मा लगाएं।

-मरीज का सरकारी अस्पताल में ही उपचार कराएं।

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तापमान पर एक नजर

मौसम वैज्ञानिक राजेश राय के अनुसार जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री व न्यूनतम 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता न्यनतम 61 फीसदी व अधिकतम 82 फीसदी रही।