यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेंगू से 7वीं मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
कानपुर, जागरण संवाददाता : उर्सला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बौहारा गांव के एक और पीड़ित की मंगलवार स

कानपुर, जागरण संवाददाता : उर्सला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बौहारा गांव के एक और पीड़ित की मंगलवार सुबह मौत होने से डेंगू से मरने वालों की संख्या सात हो गई। मृतक के रक्त नमूने में डेंगू की पुष्टि हुई है, लेकिन डॉक्टरों ने मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट दर्शाया है। डेंगू से मौत की सूचना जैसे ही बौहारा गांव पहुंची, ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने भीतरगांव सीएचसी प्रभारी की लात-घूंसे से पिटाई कर दी। अस्थाई चिकित्सालय में घुसकर तोड़फोड़ की, दवा व इंजेक्शन फेंक दिए। गांव में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है। पीएसी तैनात कर दी गयी है।
भीतरगांव ब्लाक के बौहारा निवासी सर्वेश को बुखार, हाथ-पैर में अकड़न, सिर व पेट में दर्द होने पर शुक्रवार को कांशीराम चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। सोमवार को लगातार उल्टियां आने पर डॉक्टरों ने उर्सला रिफर किया था। रात में उसे उर्सला के वार्ड 5 में शिफ्ट कर दिया गया। वहां बौहारा गांव के कई और मरीज भर्ती हैं। रात 11 बजे सर्वेश के मुंह से झाग निकलने लगा और हिचकियां आने लगीं। इस पर वार्ड में मौजूद गांव के शिवाकांत व लक्ष्मी उत्तम नर्स को बुलाने गए। उनका आरोप है कि पहले तो नर्स आने को तैयार नहीं हुई। जब मरीज की स्थिति बताई तो भड़क कर बोलीं, तुम्हें बड़ी चिंता है, जाओ अपना काम करो। इस पर अन्य तीमारदार जमा हो गए। इस र नर्स ने डॉक्टर से फोन पर बात की और सर्वेश को आईसीयू में शिफ्ट कराया। आरोप है कि रात में डॉक्टर उसे देखने नहीं आए और सुबह मौत हो गयी। सर्वेश की मौत की सूचना गांव पहुंची तो ग्रामीण उत्तेजित हो गए। पंचायत भवन में चल रहे अस्थाई चिकित्सालय में धावा बोल दिया। भीतरगांव सीएचसी प्रभारी डॉ. अनुज दीक्षित को ले जाकर लात-घूसों से पिटाई कर दी। डाक्टरों व कर्मचारियों ने खुद को कमरों में बंद कर बचाया। गुस्साए लोगों ने मेज-कुर्सियां पलट दीं। दवाएं व इंजेक्शन फेंक दिए। बवाल की सूचना पर उप जिलाधिकारी कमलेश चंद्र बाजपेयी, सीओ वीके तिवारी, थानाध्यक्ष एके सिंह, महिला थाने की प्रभारी निरीक्षक अंजना सिंह, सजेती थाना पुलिस व पीएसी गांव पहुंची। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि डॉ. अनुज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने नामजद जयकरन उत्तम, संतोष, अशोक व बड़कन समेत डेढ़ दर्जन लोगों की तलाश में दबिश दी।
इनकी हो चुकी है मौत : राम किशोर दिवाकर के पुत्र शैलेंद्र दिवाकर (20), हैलट में गोविंद गुप्ता (52), शिवबाबू उत्तम (35), हैलट के बाल रोग चिकित्सालय में चुन्नी लाल का नवजात बच्चा, कांशीराम हास्पिटल में हसमत अली (67), बौहारा गांव में 70 वर्षीय रहमन की मौत हो चुकी है।
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पंचायत भवन से पुलिया तक पहुंचे तो वहां बैठे कुछ ग्रामीण गाली गलौज करने लगे। इसी बीच कई और लोग आ गए। सभी ने मिलकर नाली में गिरा दिया। लात-घूसों से पीटा। मेरे निजी चालक गोपाल शुक्ला व कैथा पीएचसी के चौकीदार महावीर से भी हाथापाई का प्रयास किया। दोनों जान बचाकर भागे।
-डॉ. अनुज दीक्षित, प्रभारी, भीतरगांव सीएचसी।
