विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विचित्र बुखार से पांच की मौत, सात सौ बीमार

By Edited By:
Published: Sun, 16 Aug 2015 07:42 PM (IST)

घाटमपुर (कानपुर), संवाद सहयोगी : भीतरगांव ब्लॉक के बौहारा गांव में विचित्र बुखार से हाहाकार मचा हुआ

News Article Hero Image

घाटमपुर (कानपुर), संवाद सहयोगी : भीतरगांव ब्लॉक के बौहारा गांव में विचित्र बुखार से हाहाकार मचा हुआ है। इसकी चपेट में आने से 13 दिनों में अब तक पांच लोग दम तोड़ चुके हैं, जबकि सात सौ से अधिक बीमार हैं। सूचना पर पहुंची मेडिकल टीम ने सौ से अधिक पीड़ितों को हैलट, उर्सला, कांशीराम एवं भीतरगांव सीएचसी में भर्ती कराया है। एक मृतक के परिजनों ने डेंगू की पुष्टि होने की जानकारी दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर डेंगू व मलेरिया फैलने से इंकार किया है। उनका दावा है कि यह सामान्य संक्रामक बुखार है।

बौहारा गांव में विचित्र बुखार का एक पखवारे से कहर है। बड़ी संख्या में लोगों के पीड़ित होने पर गांव में झोलाछाप सक्रिय हो गए। फायदा न होने पर कई फतेहपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र जहानाबाद, बिरहर, साढ़, भीतरगांव के अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। तीन अगस्त को इसकी चपेट में आये राम किशोर दिवाकर के पुत्र शैलेंद्र दिवाकर (20) की मौत हो गयी थी। वह बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। इस बीमारी में पीड़ितों को तेज बुखार के साथ हाथ-पैर, जोड़ों व सिर में तेज दर्द होता है। पूरे बदन में ऐंठन व पेट में दर्द होता है। इलाज के लिए कानपुर गए गोविंद गुप्ता (52) की शुक्रवार सुबह और शिव बाबू उत्तम (35) की देर रात हैलट अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद से गांव में हाहाकार मच गया। शिव बाबू के परिजनों ने बताया कि बुखार आने पर पहले जहानाबाद ले गए। गुरुवार को डॉक्टरों ने कानपुर के बर्रा स्थित ओरिएंट हास्पिटल भेज दिया। वहां स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने किदवई नगर के मधुलोक हास्पिटल रिफर कर दिया। वहां के डॉक्टरों ने रीजेंसी भेज दिया। वहां सुधार न होने पर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम 5 बजे हैलट भेज दिया, जहां रात 9.20 बजे उसने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक डाक्टरों ने मौत का कारण डेंगू बताया है। वहीं हैलट के बाल रोग चिकित्सालय में भर्ती चुन्नी लाल के 15 दिन के नवजात ममता की शनिवार देर रात मौत हो गई। वहीं कांशीराम हास्पिटल में भर्ती हसमत अली (67) ने रविवार दोपहर दम तोड़ दिया।

उधर, लगातार हो रही मौत एवं बड़ी संख्या में बुखार से लोगों के पीड़ित होने की सूचना पर शुक्रवार को डाक्टरों की टीम गांव पहुंची। डॉक्टरों ने 392 लोगों का परीक्षण कर दवा दी, 79 की स्लाइड बनाई। शनिवार को 260 का परीक्षण कर दवा दी और 78 की स्लाइड बनाई। रविवार को 120 का चेकअप और 45 की स्लाइड बनाई। शनिवार को जब जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को मीडिया के जरिये जानकारी हुई तो स्वतंत्रता दिवस के उपरांत मेडिकल टीम गांव पहुंची और पीड़ितों का इलाज शुरू किया। इसके बाद सीएमओ डॉ. आरपी यादव एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 12 एंबुलेंस लगाई गई। उर्सला में 24, हैलट में 13, कांशीराम अस्पताल में 20 मरीज भर्ती कराए गए हैं। इसके अलावा नर्सिग होम में भी मरीज भर्ती हैं। मरीजों का हाल जानने के लिए उपजिलाधिकारी कमलेश चंद्र बाजपेयी, सीओ वीके तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी हरीशंकर सिंह पहुंचे। वहीं सीएमओ डॉ. आरपी यादव का कहना है विचित्र बुखार से मौत नहीं हुई हैं। जिनकी मौत हुई है वह पहले से बीमार थे। मरीजों के रक्त के नमूने की जांच में मलेरिया व डेंगू के लक्षण नहीं मिले हैं। ग्रामीणों को सामान्य वायरल बुखार है। गांव में अत्याधिक गंदगी है, सफाई कराई जा रही है।