यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इलाज के अभाव में महिला की मौत, हंगामा

कानपुर, जागरण संवाददाता : हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में डाक्टरों की मनमानी कम नहीं हो रही है। शुक्रवार सुबह हैलट इमरजेंसी में इलाज के लिए आई महिला को डॉक्टरों ने देखने से इंकार कर दिया। इलाज के अभाव में एक घंटे तक तड़पने के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने समय से इलाज नहीं मिलने की बात कहते हुए कुछ देर हंगामा किया। उसके बाद शव लेकर चले गए।
रायबरेली निवासी योगेंद्र अपनी पत्नी कुसुम (45) के साथ अस्सी फीट रोड पर किराये के मकान में रहते हैं। प्राइवेट नौकरी करते हैं। कुसुम को एक महीने से बुखार आ रहा था। शुक्रवार सुबह जब योगेंद्र काम पर चले गए तो कुसुम की तबियत ज्यादा खराब हो गई। इस पर मकान मालकिन गीता देवी की बेटी शाब्या उन्हें लेकर सुबह 8:30 बजे हैलट इमरजेंसी पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज करने से इंकार कर दिया। कहा कि उसे लेकर टीबी अस्पताल जाओ। यहां भर्ती नहीं कर सकते हैं। डॉक्टरों के इलाज करने से मना करने पर शाब्या ने परिजनों एवं कुसुम के पति को सूचना दी और उनके आने का इंतजार इमरजेंसी के बाहर कुसुम के साथ करने लगी। एक घंटे तड़पने के बाद कुसुम ने दम तोड़ दिया। वहां पहुचे परिजन डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप था अगर समय से इलाज मिल जाता तो मौत नहीं होती। हैलट के सीएमएस डॉ. एसबी मिश्रा का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत मिली तो जांच कराएंगे। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
