विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब मलेरिया ने लोगों को जकड़ा

By Edited By:
Published: Mon, 22 Jul 2013 09:15 PM (IST)Updated: Mon, 22 Jul 2013 09:16 PM (IST)

News Article Hero Image

कानपुर, नगर संवाददाता : बारिश, जल जमाव, गंदगी से शहर में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। इस वजह से सरकारी अस्पतालों, नर्सिग होम एवं गली-मोहल्लों के डॉक्टरों के पास मलेरिया पीड़ितों की कतारें लगने लगी हैं। इससे कई लोगों की जान पर बन आयी है। वहीं मलेरिया विभाग आंकड़े दुरुस्त करने में जुटा है।

शहर के यशोदा नगर, पशुपति नगर, खाड़ेपुर, अर्रा बिनगवां, बर्रा, दबौली, गुजैनी, जाजमऊ, ग्वालटोली समेत कई इलाकों में मलेरिया से दर्जनों लोग पीड़ित हैं। इन इलाकों में जल भराव होने से मच्छर पनपने लगे हैं। पहले उर्सला और हैलट अस्पताल में महीने में एक-दो मलेरिया पीड़ित पहुंचते थे। अब रोजाना पांच से सात मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा नर्सिग होम, निजी क्लीनिकों में सैकड़ों की संख्या में मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके बावजूद जिला मलेरिया विभाग एंटी लार्वा स्प्रे नहीं करा रहा है। मलेरिया विभाग के एंटी लार्वा स्प्रे के लिए शहरी क्षेत्र को 14 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में 12-12 कर्मचारी हैं। इनके वेतन आदि में प्रतिमाह 40 लाख रुपये खर्च होते हैं। इसके बावजूद कागजों पर छिड़काव हो रहा है। विभाग वार्डो में एंटी लार्वा स्प्रे कराने का दावा करता है जबकि वहां के क्षेत्रीय पार्षद विभागीय दावे को झुठलाते हैं। उनका कहना है कि मलेरिया विभाग के कर्मचारी आज तक क्षेत्र में नहीं दिखे हैं।

अन्य कार्यो में लगे हैं कर्मचारी

मलेरिया विभाग के कर्मचारियों को बीएलओ एवं आर्थिक गणना कार्य में लगा दिया गया हैं। इस वजह से शहरी क्षेत्र में एंटी लार्वा स्प्रे का कार्य प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि जिलाधिकारी के आदेश से कर्मचारियों को आर्थिक गणना कार्य में लगाया गया है।

सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी तक कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। फिलहाल किसी भी क्षेत्र से मलेरिया फैलने की सूचना नहीं मिली है।

डॉ. अजब सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी

-----------

मलेरिया के लक्षण

- ठंड देकर बुखार और एक दिन छोड़कर बुखार आता है। बदन में तेज दर्द के साथ कई बार बुखार बहुत तेज हो जाता है। ऐसा होने पर मलेरिया की स्लाइड बनवाकर अपने खून की जांच सरकारी अस्पताल में कराएं।

बचाव के उपाय

- घरों के आसपास गंदगी एवं जलभराव न होने दें। जहां पानी भरा हो वहां की सफाई कराएं। जल भराव वाले स्थान में मिंट्टी का तेल या जले मोबिल ऑयल की कुछ बूंदे डाल दें।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर