यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
समुचित इलाज के अभाव में फैल रहा डेंगू!

अमरोहा। समुचित इलाज के अभाव में डेंगू कहर बरपा रहा है। शुरूआती लक्षणों पर योग्य चिकित्सक से इलाज कराने के बजाए पीड़ित झोलाछापों की शरण में जा रहे हैं। मरीज की हालत बिगड़ने पर ही उन्हें रेफर किया जा रहा है। इससे डेंगू पर नियंत्रण मुश्किल हो रहा है। उधर स्वास्थ्य विभाग आंकड़े दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। सीएचसी में सिर्फ बारह लोगों की डेंगू आशंकित होने पर जां की गई है।
क्षेत्र के गांव मूंढा खादर, कादराबाद व अन्य गांवों में डेंगू के कई मरीज सामने आ चुके हैं। अकेले मूंढा खादर गांव में ही चार मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। सैंकड़ों लोग वायरल की चपेट में है। यह वायरल भी चार प्रकार का बताया जा रहा है। खास बात यह है कि गांवों में वायरल व डेंगू का समुचित इलाज नहीं मिल रहा। पीड़ित शुरूआत में झोलाछापों की लाल-पीली गोलियों पर भरोसा कर रहे हैं। झोलाछाप भी कमाई के चक्कर में मरीज की हालत खतरे की स्थिति में पहुंचने के बाद ही रेफर कर रहे हैं।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बुरा है। गांव वाजिदपुर निवासी हरभजन दो सप्ताह तक अपनी पत्नी का सरकारी अस्पातल में इलाज कराता रहा किन्तु बुखार नहीं उतरा। उसने पत्नी को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। जहां उसकी पत्नी को डेंगू की पुष्टि हुई। फिलहाल उसने पत्नी को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर अस्पातल स्टाफ आंकड़े दुरुस्त रखने में जुटा है। डेंगू आशंकित की जांच में भी टालमटोल की स्थिति है। क्षेत्र में सैंकड़ों का वायरल जकड़े हुए हैं। प्रतिदिन कई सौ लोग अस्पताल दवाई लेने आ रहे हैं किन्तु डेंगू की आशंका में सिर्फ 12 लोगों की जांच की गई है।
चिकित्सा अधीक्षक डा. आदेश कुमार का कहना है कि बीमार लोगों को बेहतर दवाई देने का प्रयास हो रहा है। अस्पातल में 12 मरीजों की डेंगू की आशंका में जांच की गई है।
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