यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेंगू का डंक तोड़ रहा कमर

अमरोहा। डेंगू व मलेरिया का डंक पीड़ितों की कमर तोड़ रहा है। खतरनाक बुखार से काफी लोग अभी भी जूझ रहे हैं, तो कुछ स्वास्थ्य में सुधार होने पर घर आ गए हैं। इसके उपचार में सभी की कमर टूट सी गई है। विभिन्न तरह की जांच से लेकर उपचार में पीड़ितों के एक लाख तक खर्च हो चुके हैं।
वायरल के डंक ने आमजन को इस तरह जकड़ा कि वह अभी तक पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाए हैं। स्वस्थ होकर घर लौटने के बाद भी ठीक से ना खाना खा पा रहे हैं और न ही चैन से सौ पा रहे हैं। थोड़ा सा चलने पर ही चक्कर आने लगते हैं। यही नहीं नए रोगियों की तादात बढ़ने का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है। जानलेवा बुखार के इलाज में पीड़ितों की खूब जेब ढीली हो रही है। एक दो पैथोलोजी को छोड़कर बाकी सभी पर लूट खसोट का माहौल बना है। यही वजह है कि किसी लैब पर पैथोलोजिस्ट उपलब्ध नहीं होने के बावजूद मशीनों व कम्प्यूटर के जरिए खून की जांच तैयार करने वाले पीड़ितों व उनके तीमारदारों से खूब मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। विभिन्न तरह की बुखार की जांच के नाम पर चार से लेकर अठारह सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इस धनराशि की रसीद भी खून की जांच कराने वालों को नहीं दी जा रही है।
यही हाल झोलाछापों का है। वायरल पीड़ितों को लाल-पीली गोली व कैप्सूल देने के नाम पर दो सौ- ढाई सौ रुपये ऐंठे जा रहे हैं। यदि किसी पीड़ित की ड्रिप (ग्लूकोज की बोतल) चढ़ाई जा रही है तो उससे पांच सौ रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक लिए जा रहे हैं। बुखार पीड़ित मजबूरी में यह रकम चुका रहे हैं। भले ही इसमें उनकी कमर टूट रही है। यहां स्वस्थ नहीं होने पर जो पीड़ित मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा इत्यादि स्थानों पर पहुंच रहे हैं, उनके इलाज के बिल तो चालीस हजार से लेकर एक लाख तक पहुंचने की जानकारी मिल रही है।
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अतरपुरा व कुमराला क्षेत्र में भी प्रकोप
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को भी बुखार पीड़ितों का मजमा लगा रहा। यहां पहुंचे आउट डोर के करीब साढे़ तीन सौ से ज्यादा मरीजों में अस्सी फीसदी वायरल पीड़ित ही थे। इनके अलावा अतरपुरा निवासी जुबिलेंट कर्मी राजेश शर्मा पिछले दस दिनों से वायरल की गिरफ्त में हैं। दो निजी चिकित्सकों से लेकर सरकारी अस्पताल तक की दवा खा चुके हैं, लेकिन बुखार टूटने का नाम नहीं ले रहा है। यही हाल इसी क्षेत्र की गुडडी सक्सेना और कपिल यादव का है। सप्ताह भर से अधिक बीतने के बावजूद उनका बुखार भी दूर नहीं हुआ है। अतरपुरा क्षेत्र के ही दर्जनों लोग बुखार से जूझ रहे हैं। कुमराला गांव भी वायरल की चपेट में है। यहां के ओमप्रकाश व शूरवीर को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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