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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीमारी भरकर पहुंचा टैंकर

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Published: Wed, 31 Jul 2013 07:06 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 01 Aug 2013 12:54 AM (GMT+05:30)

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माधौगढ़, अंप्र. : माधौगढ़ ब्लाक के ग्राम बघावली में डायरिया को प्रकोप महामारी के रूप में तब्दील होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। एक दिन कैंप लगाकर डाक्टरों ने दवा का वितरण किया, गांव में डीडीटी और चूने का छिड़काव कराया गया पर अब फिर से ग्रामीण भगवान भरोसे हैं। बुधवार को ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित बघावली गांव पहुंचे तो अपना हाल बताते समय ग्रामीण फफक पड़े। गांव के हैंडपंप और कुएं का पानी दूषित होने की वजह से उसे पिया नहीं जा सका। जो टैंकर प्रशासन ने गांव भेजा है उसमें भी गंदा पानी भरा हुआ था।

ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित ने ग्रामीणों की व्यथा जानने के बाद एसडीएम शिव सिंह और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात कर गुजारिश की कि जब तक गांव में पूरी तरह से बीमारी पर नियंत्रण न हो जाए डाक्टरों की एक टीम वहीं कैंप करे। इससे बीमारी की चपेट में आये ग्रामीणों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं। ब्लाक प्रमुख ने कहा कि अफसोस की बात है कि गांव में जिस तरह के भयावह हालत हैं, भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक उतनी संजीदगी से इलाज पर ध्यान नहीं दे रहे। गांव के हैंड पंप और कुएं से पीले रंग का दूषित पानी निकल रहा है। बदइंतजामी का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि प्रशासन ने पीने योग्य पानी के लिए जो टैंकर गांव भिजवाया उसमें भी गंदा पानी भरा हुआ था। ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित ने कहा कि बघावली और पतराही गांव में डायरिया और संक्रमित बुखार से पीड़ित ग्रामीणों के उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित व्यवस्थाएं नहीं की गईं तो अधिकारियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा।

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