यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से दो मासूमों की मौत, मां अस्पताल में
जागरण संवाददाता, हाथरस : गांव भगवंतपुर में शुक्रवार को महज 12 घंटे के भीतर बुखार से पीड़ि

जागरण संवाददाता, हाथरस : गांव भगवंतपुर में शुक्रवार को महज 12 घंटे के भीतर बुखार से पीड़ित भाई-बहन की मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया। दोनों बच्चों के मां-बाप भी बुखार से ग्रसित हैं। मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शुक्रवार को नानकचंद (43) निवासी भगवंतपुर अपनी 12 वर्षीय बेटी संगीता को नाजुक हालत में जिला बागला अस्पताल लेकर आया। गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उसे अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे घर ले आए, जहां उसकी मौत हो गई। इससे पहले टाइफाइड के चलते उसका गांव में ही इलाज कराया था।
इसके बाद देर शाम को उनके आठ वर्षीय बेटे ओमप्रकाश की हालत बिगड़ी। उसे भी बुखार था। परिजन उसे भी जिला अस्पताल लाए तो देर रात दो बजे डॉक्टरों ने उसे खून की कमी बताते हुए रेफर कर दिया। परिजन उसे घर ले आए, जहां उसकी मौत हो गई। एक ही दिन में दो बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। वहीं मृत बच्चों की बीमार मां को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शनिवार को विधायक हरीशंकर माहौर को गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
वहीं बच्चों की मौत की खबर से स्वास्थ्य महकमा भी सकते में आ गया। डीएम अमित कुमार ¨सह के निर्देश पर तत्काल ही स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची। एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल की अगुवाई में डॉ. पवन कुमार, डॉ. सतीश कुमार, फार्मासिस्ट राकेश सेंगर के अलावा वार्ड ब्वॉय व मुरसान से भी डॉक्टरों की टीम आ गई। यहां करीब 30 मरीजों का परीक्षण करते हुए दवा का वितरण किया गया। 24 लोगों का मलेरिया परीक्षण किया गया।
बता दें कि बुखार के प्रकोप के चलते विभाग द्वारा हसायन, सिकंदराराऊ व सासनी को पहले ही हाईरिस्क जोन घोषित कर रखा है।
इनका कहना है..
बुखार से भाई-बहन की मौत व मां-बाप के बीमार होने की जानकारी जैसे ही मुझे मिली, मैंने तत्काल ही डॉक्टरों की टीम को वहां भिजवाया। मैं खुद भी मौके पर पहुंचा। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। प्रशासनिक स्तर से जो भी मदद संभव होगी, वह परिवार को कराई जाएगी।
- हरीशंकर माहौर, सदर विधायक
बच्चों की मौत बुखार से नहीं, खून की कमी के कारण हुई है। परिवार की हालत भी ठीक नहीं थी। जिला अस्पताल से इन बच्चों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया, लेकिन परिजन अलीगढ़ की बजाय घर ले गए। जिस कारण दोनों की बच्चों की मौत हो गई। इनकी मां को भी भर्ती कराया गया है।
- डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ
