यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेंगू से एक की मौत, जिले में पसरी दहशत
जागरण टीम, हापुड़ : जिले में डेंगू का कहर लगातार जारी है। चिकित्सा विभाग और नगरपालिक

जागरण टीम, हापुड़ : जिले में डेंगू का कहर लगातार जारी है। चिकित्सा विभाग और नगरपालिका पालिका के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। हापुड़ में शनिवार को डेंगू से एक महिला की मौत हो गई। जबकि सिंभावली क्षेत्र के गांव बक्सर में लोगों पर बुखार का प्रकोप कहर बनकर टूट रहा है। बीते दिनों दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग नहीं चेता। अब गांव निवासी तीन लोगों की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टी होने से गांव में हड़कंप मच गया है। जबकि एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से कराह रहे हैं। कुछ दिन पहले दो लोगों की मौत के बाद यदि स्वास्थ्य विभाग के अफसर नींद से जाग जाते तो ग्रामीणों को इस कहर से बचाया जा सकता था।
हापुड़ के आवास विकास कालोनी निवासी महिला प्रवीन कौर को छह दिन पूर्व बुखार आया था।जिसके बाद उसका स्थानीय चिकित्सक से उपचार कराया गया था। उपचार के बावजूद महिला का बुखार कम नहीं हुआ । जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान ही महिला की शनिवार को मौत हो गई। जबकि शुक्रवार को ही एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। गांव बक्सर निवासी नितिन गर्ग को कुछ दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसे हापुड़ भर्ती कराया। जहां से उसे दिल्ली के कोलंबिया रेफर कर दिया। गांव निवासी नितिन के चाचा महेंद्र गर्ग उर्फ पप्पू को भी बुखार के चलते हापुड़ में भर्ती कराया। बाद में महेंद्र को भी दिल्ली रेफर कर दिया। दोनों का इस समय दिल्ली के कोलंबिया अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं गांव निवासी अशोक शर्मा को बुखार के बाद परिनजों ने मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। तीनों के परिजनों ने बताया कि जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टी हुई है। रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टी होने के बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है। वर्तमान में गांव के एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। कुछ दिन पहले गांव निवासी गुल्लू सोनी व रफीकन की बुखार की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अफसर नहीं जागे। यदि विभाग की आंख खुल जातीं तो ग्रामीणों पर बुखार कहर बनकर न टूटता।
-डेंगू से मौत होने की सूचना नहीं मिली है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। लोगों को जागरूक होने की जरूरत है ताकि पानी एक जगह एकत्रित न हो सके।
-डा. प्रवीन शर्मा, उप मुख्य चिकित्साधिकारी
