यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रसव के दौरान जुड़वां बच्चों की मौत, हंगामा
हापुड़ : शुक्रवार को सरस्वती मेडिकल कालेज में प्रसव के दौरान हुई जुड़वां बच्चों की मौत के बाद जच्चा के

हापुड़ : शुक्रवार को सरस्वती मेडिकल कालेज में प्रसव के दौरान हुई जुड़वां बच्चों की मौत के बाद जच्चा के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि इलाज के दौरान चिकित्सकों ने लापरवाही बरती है। परिजनों ने चिकित्सकों से मारपीट भी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पीड़िता के पति ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव अतरौली निवासी विनीत का विवाह एक वर्ष पूर्व गाजियाबाद की आरती से हुआ था। शुक्रवार की सुबह जब आरती को प्रसव पीड़ा हुई तो उसके पति ने उसे सरस्वती अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां चिकित्सक सरिता ने मामला गंभीर बताते हुए ऑपरेशन द्वारा प्रसव करने की बात कही। इस पर परिजनों ने जच्चा बच्चा की सलामती के आश्वासन के बाद ऑपरेशन करने के लिए कह दिया। लेकिन कुछ देर बाद उन्हें जानकारी हुई कि दोनों बच्चे मृत हैं। इसी बात को लेकर परिजनों में आक्रोश फैल गया। इसकी जानकारी उन्होंने गांव में दे दी। जिसके बाद भारी संख्या में ग्रामीण सरस्वती अस्पताल पहुंच गये और हंगामा करने लगे। इस दौरान ग्रामीणों ने चिकित्सका डा. सरिता से भी मारपीट की। लेकिन वहां मौजूद अन्य लोगों ने ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। वहीं हंगामा होते देख अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी सुधीर त्यागी ने परिजनों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया। विनीत ने चिकित्सक के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने के कारण बच्चों की मौत का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। जबकि डा. सरिता का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार हैं। उन्होंने इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती है। कोतवाली प्रभारी सुधीर त्यागी का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
