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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चार मौतों के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग

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Published: Fri, 08 Nov 2013 01:06 AM (IST)Updated: Fri, 08 Nov 2013 01:09 AM (IST)

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भरुआ सुमेरपुर, अंप्र : बांकी, बांक, बिल्हड़ी गांव में फैले संक्रामक बुखार के कारण स्वास्थ्य विभाग ने तीनों गांवों के बीच बह रहे नाले में एकत्र हुए गंदे पानी को मानते हुए सभी स्थानों पर छिड़काव कराया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों के लोगों के रक्त के नमूने भी लिए हैं। सहायक मलेरिया अधिकारी का मानना है कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए छिड़काव की जरूरत है, जो संभव नहीं है। फिलहाल जरूरी उपाय किये जा रहे हैं। पूर्व प्रधान की मौत हेपेटाइटिस बीमारी से हुई है, डेंगू से नहीं। वहीं परिजनों का दावा है कि वह मलेरिया के विचित्र वायरस से पीड़ित था। उसी से उसकी मौत हुई है। अभी तीनों गांवों में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित होकर उपचार कराने में जुटे हैं। चार लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग को बांकी, बांक, बिल्हड़ी गांव की सुध आई है। गुरुवार को मलेरिया विभाग के सहायक अधिकारी एके सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी अनिल यादव, लैब टेक्नीशियन मोनिश, एलए ज्ञान कुमार, मलेरिया निरीक्षक जयप्रकाश, मलेरिया सुपरवाइजर बी एम यादव, सुपरवाइजर शमशेर अली नाले में जगह-जगह एकत्र हुए गंदे पानी में लारवा निरोधक दवा का छिड़काव किया। इसके बाद बीमार लोगों के घरों में डीडीटी व पैराथम दवा का छिड़काव किया। सहायक मलेरिया अधिकारी एके सिंह ने कहा कि संक्रामक बीमारी रोकने के लिए पूरे जिले में छिड़काव की जरूरत है, जो संभव नहीं है। क्योंकि पूरे जिले के लिए महज 100 बैग डीडीटी मिली है। जिसमें 25 बैग सुमेरपुर ब्लाक को दिये गये हैं।

पंचायतों के पास है धनराशि

भरुआ सुमेरपुर : स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी अनिल यादव ने बताया कि पिछले चार वर्षो से प्रतिवर्ष स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्राम प्रधान व एएनएम के संयुक्त खाते में 10 हजार रुपये की धनराशि भेजी जाती है। इसका मकसद केवल संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए ही है। ग्राम पंचायतों को प्रस्ताव बनाकर इस धनराशि से गांवों में छिड़काव कराना चाहिए, ताकि संक्रामक बीमारियां सिर उठाने से पूर्व ही दफन हो जायें, लेकिन शायद पंचायतें ऐसा नहीं कर रही हैं, जबकि यह होना चाहिए।

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