यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तीन माह की बच्ची व युवती की बुखार से मौत

मौदहा, अंप्र : स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। कस्बे में डेंगू बुखार ने पूरी तरह से पांव पसार लिए हैं। मंगलवार को यहां एक तीन माह की बच्ची व एक युवती की मौत हो गई।
कस्बे के हैदरगंज निवासी अनम बजमी पुत्री अब्दुल हफीज बीते दो दिनों से डेंगू बुखार से पीड़ित थी। जिसका इलाज मौदहा सरकारी अस्पताल में चल रहा था, पर चिकित्सकों ने रोग को पहचाने बगैर दवा देकर इलाज किया। नतीजतन सोमवार की रात अनम बजमी की मौत हो गयी। अनम बजमी सुंदर लाल शिवहरे महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। युवती की अचानक मौत होने के कारण पूरे परिवार में कोहराम मच गया। वहीं कस्बे के अंदर मीरा तालाब के पास बनी कांशीराम कालोनी निवासी अनिल शिवहरे की तीन माह की बच्ची को सोमवार को अचानक बुखार आ गया। जिसका इलाज कराने के लिए वह शाम को ही अस्पताल ले गया और डाक्टरों द्वारा दी गई दवाओं को बच्ची को खिलाने लगा, लेकिन तीन माह की बच्ची को बुखार से छुटकारा मिलना तो दूर, सुबह के समय उसकी मौत हो गयी। बताते चलें कि कस्बे के अंदर फैली भयंकर गंदगी व स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही के कारण एक माह में संक्रामक बुखार से कई मौत के मुंह में समा चुके हैं, लेकिन प्रशासन हालात को गंभीरता नहीं ले रहा है जिससे स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका कागजों में ही दवाओं का छिड़काव कराते रहते हैं।
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