यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बीमारियों की बारिश से जागा प्रशासन

हमीरपुर कार्यालय: इतनी ही जागरूकता यदि पहले दिखा लिए होते तो शायद यह नौबत न आती। गांवों में फैली गंदगी से उपजी बीमारियों ने जब लोगों को अपनी चपेट में ले लिया तो अधिकारियों को गांवों की याद आई है। निर्देश जारी हुए हैं कि दस कर्मचारियों की टोली बना गांवों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी। उसकी हर सप्ताह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।
बाढ़ के बाद जिस तरह से गांवों में बीमारियों की बरसात हुई उसको देखने के बाद भी प्रशासन को गांव में सफाई करवाने का जरा भी ध्यान नहीं गया। जगह-जगह भरे गंदे पानी से मच्छरों की फौज ने लोगों का जीना हराम कर दिया। लोगों की काफी शिकायतों के बाद भी कहीं कोई सुनने वाला नहीं था। धीरे-धीरे समस्या बढ़ीं, लोग घरों में बीमारियों की चपेट में आने लगे और अस्पताल में बेड भर गए। तब कहीं जाकर जिला प्रशासन को पता चला कि गांवों में गंदगी से बीमारी फैल रही हैं। अब जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने आदेश दिया है कि गांवों में दस-दस सफाई कर्मचारियों की टोली बनाकर उन्हें सफाई कार्य में लगाएं और उस पर निगरानी के लिए एडीओ पंचायत जिम्मेदार होंगे। प्रत्येक गांव में सफाई कार्य की रिपोर्ट हर सप्ताह संबंधित एडीओ पंचायतराज अधिकारी को सौंपेगे।
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