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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिले में नहीं हुई सर्दी से कोई मौत

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Published: Thu, 10 Jan 2013 06:45 PM (IST)Updated: Thu, 10 Jan 2013 06:47 PM (IST)

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चरखारी (महोबा) : प्रशासन सर्दी से मौतों के मामले में कुछ भी मानने को तैयार नहीं है। बुधवार को एसडीएम कुलपहाड़ ने इलाके में हुई आधा दर्जन से ज्यादा मौतों को बीमारी या स्वाभाविक मृत्यु कह सर्दी से मौत होना नकार दिया था। गुरुवार को इसी नक्शे कदम पर चल एसडीएम चरखारी ने कस्बे में हुई दोनों मौतों को बीमारी से मौत बताया है।

गौरतलब है कि तमाम अखबारों में बीते पखवारे सर्दी से हुई मौतों की कई खबरें छपी। मृतक संख्या एक दर्जन से ऊपर होने का हवाला दिया गया। इसे गंभीरता से ले जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को घटनाओं की जांच कराने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में एसडीएम कुलपहाड़ ने बुधवार को विज्ञप्ति जारी कर तहसील क्षेत्र में हुई मौतों को बीमारी या स्वाभाविक मृत्यु करार दे दावा किया था कि सर्दी से किसी की मौत नहीं हुई है। इसी क्रम में एसडीएम चरखारी सुनील कुमार ने तहसीलदार जेआर मौर्या से जांच कराई। बकौल तहसीलदार कस्बे के सदर बाजार निवासी इदरीश मंसूरी की मौत सर्दी नहीं घबराहट के चलते हुई है। बताया गया है कि वह इंजाइना के मरीज थे। कस्बे की चिंतेपुरा निवासी सरदार नाम की 85 वर्षीय महिला की मौत को वह वृद्धावस्था के चलते स्वाभाविक मृत्यु करार देते है। बकौल तहसीलदार गौरहारी निवासी प्यारेलाल की मौत की जांच जारी है। इस तरह प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि जिले में सर्दी लगने से किसी की मौत नहीं हुई है।

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