यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मेडिकल कालेज में स्वाइन फ्लू का इलाज नहीं
गोरखपुर: बीआरडी मेडिकल कालेज में स्वाइन फ्लू मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। पुष्टि

गोरखपुर: बीआरडी मेडिकल कालेज में स्वाइन फ्लू मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। पुष्टि के बाद मरीजों को भर्ती कर एसजीपीजीआइ लखनऊ रेफर किया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों को आइसीयू में जगह न होने का हवाला देकर प्राइवेट में ले जाने की सलाह दी जा रही है। शनिवार को तीन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद अब शहर में मरीजों की संख्या 25 हो गई है।
मेडिकल कालेज के वार्ड नंबर 14 में बने आइसोलेशन वार्ड में स्वाइन फ्लू के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इस वार्ड में मेडिसिन विभाग से संबंधित अन्य मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है। सामान्य के साथ स्वाइन फ्लू के मरीजों को भर्ती किए जाने से वार्ड में मौजूद सैकड़ों लोगों को स्वाइन फ्लू होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके बाद भी मेडिकल कालेज प्रशासन स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग वार्ड नहीं बना रहा है।
देवरिया से आई महिला को नहीं किया भर्ती
मेडिकल कालेज में शनिवार दोपहर बाद तकरीबन तीन बजे देवरिया से आई स्वाइन फ्लू की संदिग्ध महिला को जूनियर डाक्टरों ने आइसीयू में जगह न होने की जानकारी देकर वापस कर दिया। बाद में तीमारदार महिला को लेकर शहर के एक प्राइवेट अस्पताल चले गए।
डाक्टरों और कर्मचारियों को नहीं लगी वैक्सीन
स्वाइन फ्लू वार्ड में मौजूद जूनियर डाक्टरों और अन्य कर्मचारियों को अब तक स्वाइन फ्लू से बचाव की वैक्सीन नहीं लगाई गई है। इससे इनमें दहशत है। स्वाइन फ्लू की चपेट में सीनियर डाक्टर, जूनियर डाक्टर, स्टाफ नर्स और कर्मचारी आ चुके हैं।
दो मरीजों का चल रहा इलाज
आइसोलेशन वार्ड में दो महिला मरीजों का इलाज चल रहा है। तीमारदारों का कहना है कि सभी दवाएं बाहर से मंगानी पड़ रही हैं। इलाज भी ठीक से नहीं हो रहा है। जूनियर डाक्टर और अन्य स्टाफ खुद डर रहे हैं इसलिए इलाज में दिक्कत हो रही है।
कालेज प्रशासन ने मांगी दवा व किट
मेडिकल कालेज प्रशासन ने स्वाइन फ्लू की दवा और किट की मांग की है। प्राचार्य प्रो. पीके सिंह ने बताया कि दवाओं की मांग की गई है। मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
