यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफ्लाइटिस ने ली चार और जिंदगी
गोरखपुर : पूर्वाचल के लिए नासूर बन चुके इंसेफ्लाइटिस से होने वाली मासूमों की मौतों का सिलसिला थमन

गोरखपुर :
पूर्वाचल के लिए नासूर बन चुके इंसेफ्लाइटिस से होने वाली मासूमों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 24 घंटे के दौरान बीआरडी मेडिकल कालेज के इंसेफ्लाइटिस वार्ड में इलाज के दौरान चार मरीजों ने दम तोड़ दिया। इसे लेकर इस वर्ष अब तब मेडिकल कालेज में इंसेफ्लाइटिस से दम तोड़ने वालों की संख्या 91 हो गई है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक मरने वालों में मदनपुर देवरिया के दिलीप (18 माह)पुत्र धर्मेद्र, रामकोला कुशीनगर के सनी (7 वर्ष) पुत्र कोदई प्रसाद, कप्तानगंज कुशीनगर के नितीश (5 वर्ष)पुत्र राजन और सिकरीगंज गोरखपुर की अनुष्का (11 माह) पुत्री रामबदन शामिल हैं। उधर 24 घंटे के दौरान मेडिकल कालेज के इंसेफ्लाइटिस वार्ड में दो और मरीज भर्ती किए गए। इनमें बिहार और कुशीनगर के एक-एक मरीज शामिल हैं। मेडिकल कालेज में इस वर्ष अब तक इस बीमारी के 289 मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं। 25 मरीजों का इलाज अभी भी चल रहा है।
